फारेंसिक एक्सपर्ट बनाएगा HBTU Kanpur, जानें कैसे ले सकते हैं प्रवेश, कितनी सीटें?
एचबीटीयू कानपुर 2026-27 से एमएससी फोरेंसिक साइंस, बीटेक एआई-एमएल और बीबीए पाठ्यक्रम शुरू करेगा। एमएससी फोरेंसिक साइंस में 30 सीटें होंगी, जिसका उद्देश्य अपराध अन्वेषण में विशेषज्ञ तैयार करना है।
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HighLights
एचबीटीयू में एमएससी फोरेंसिक साइंस कोर्स शुरू होगा।
बीटेक एआई-एमएल और बीबीए पाठ्यक्रम भी प्रारंभ होंगे।
प्रवेश के लिए सीयूईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
जागरण संवाददाता, कानपुर। हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) में अब फाेरेंसिक साइंस के विशेषज्ञों की नई पौध तैयार की जाएगी। विश्वविद्यालय के ''स्कूल आफ फार्मास्युटिकल एंड बायलाजिकल साइंसेज '' के तहत संचालित फार्मेसी विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमएससी फाेरेंसिक साइंस का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा स्नातक स्तर पर बीटेक इन एआइ-एमएल और बीबीए कोर्स भी शुरू होने जा रहा है जिसमें 60-60 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एमएससी फोरेंसिक साइंस पाठ्यक्रम के लिए शुरुआती तौर पर 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य अपराध अन्वेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण में कुशल विशेषज्ञों को तैयार करना है। फोरेंसिक लैब और जांच एजेंसियों में बढ़ती मांग को देखते हुए इस कोर्स को काफी अहम माना जा रहा है। इसके लिए फार्मेसी विभाग में उच्च स्तरीय रसायन और विश्लेषण लैब तैयार कराई गई हैं। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र राज्य और केंद्रीय फोरेंसिक लैब (एफएसएल), क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और निजी जांच एजेंसियों में करियर बना सकेंगे।
इसके अलावा स्नातक स्तर पर बीटेक इन एआइ-एमएल कोर्स शुरू किया जा रहा है जिसमें छात्रों को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस,आटोमेशन सिखाया जाएगा। आइटी सेक्टर, स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों में इस कोर्स की मांग बढ़ रही है।
विश्वविद्यालय के स्कूल आफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट में पहली बार बीबीए कोर्स शुरू किया जा रहा है। सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) उत्तीर्ण करना होगा। जरूरत होने पर विश्वविद्यालय भी अपने स्तर से परीक्षा का आयोजन कर सकता है।
कुलपति प्रो. समशेर ने बताया कि रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को जोड़ा जा रहा है जिससे युवाओं को डिग्री के साथ रोजगार भी मिल सके। नए पाठ्यक्रम शुरू करने का उद्देश्य भी यही है।
