कानपुर, जागरण संवाददाता। नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंगा बेसिन के अंतर्गत आने वाली तमाम औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण और निकले उत्प्रवाह की जांच कराएगा। 113 औद्योगिक इकाइयों की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआइ) को और 121 औद्योगिक इकाइयों की जांच की जिम्मेदारी हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विवि (एचबीटीयू) को सौंपी गई है। मार्च तक विशेषज्ञों को जांच करके अपनी रिपोर्ट भेजनी है।

गंगा की शुचिता के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नदी बेसिन के आसपास की औद्योगिक इकाइयों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। पिछले वर्ष भी एनएसआइ और एचबीटीयू ने तमाम औद्योगिक इकाइयों की जांच करके अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी थी। इस बार फिर तैयारी शुरू हो गई है। एनएसआइ और एचबीटीयू की ओर से विशेषज्ञों की टीम तैयार की जा रही है, जो विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में जाकर नमूने एकत्र करेगी और उनकी जांच कराएगी।

एनएसआइ के निदेशक प्रो. नरेन्द्र मोहन ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों से ट्रीटमेंट के बाद जो प्रदूषित वायु या जल का उत्प्रवाह होता है, उसकी निगरानी के लिए ही हर वर्ष विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई जा रही है। इस वर्ष संस्थान को चीनी मिलें, डिस्टिलरी समेत 113 इकाइयों की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है। संस्थान की विशेषज्ञ टीम जल्द ही इन इकाइयों में जाकर वहां वायु व जल उत्प्रवाह के नमूने लेगी और लैब में जांच करके रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपेगी। इसी तरह एचबीटीयू के प्रो. बृजेश सिंह ने भी बताया कि संस्थान को कई टेनरियों समेत 121 इकाइयों की जांच करनी है।

Edited By: Abhishek Agnihotri