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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हमीरपुर के छिबौली कांड को लेकर सीएम से मिलीं राठ विधायक मनीषा अनुरागी

By Akash DwivediEdited By:
Published: Wed, 11 Nov 2020 07:11 PM (IST)

जरिया थाना क्षेत्र के छिबौली गांव में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव गांव के तालाब के पास मिला ...और पढ़ें

थानाक्षेत्र जरिया के छिबौली कांड को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता करती राठ विधायक मनीषा अनुरागी
थानाक्षेत्र जरिया के छिबौली कांड को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता करती राठ विधायक मनीषा अनुरागी

कानपुर, जेएनएन। जरिया थानाक्षेत्र के छिबौली गांव के ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमें की वापसी को राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। साथ ही मामले की जानकारी दे ग्रामीणों को निर्दोष बताते हुए उन पर मुकदमें वापस कराने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मामले की न्यायिक जांच करा ग्रामीणों को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।

बीते दिनों जरिया थाना क्षेत्र के छिबौली गांव में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव गांव के तालाब के पास मिला था, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगाकर जमकर हंगामा किया था। उसी रात कबूतरा डेरा में भी आगजनी की घटना हो गई थी, जिसमें पुलिस ने गांव के 44 नामजद व 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए 14 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

ग्रामीणों के पक्ष में आए सांसद, विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह भी लगाए। इसी मामले में बुधवार को राठ विधायक मनीषा अनुरागी मुख्यमंत्री आवास पहुंची और उन्होंने आधे घंटे तक सीएम से वार्ता कर घटना के बारे में बताया। साथ ही मामले में फंसे निर्दोष ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमें वापस करा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की। जिस पर सीएम ने राठ विधायक को आश्वासन देते हुए कहा कि निर्दोषों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वह मामले की न्यायिक जांच कराएंगें।

इस कारण लगाया था ग्रामीणों ने जाम

युवक का शव मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने कबूतरा डेरा में पुलिस की जानकारी में अवैध शराब बनाने का आरोप लगाते हुए जहरीली शराब को मौत का कारण बता जाम लगा दिया था। वह कबूतरा डेरा में शराब बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। साथ ही ग्रामीणों द्वारा यहां बनने वाली शराब से छह लोगो की मौत होने का भी दावा किया था।