कानपुर, जागरण संवाददाता। GSVM मेडिकल कालेज के MBBS तृतीय वर्ष की छात्रा पाखी को स्वाइन फ्लू है। देर रात लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से आई जांच रिपोर्ट से स्वाइन फ्लू यानी इनफ्लूएंजा एन1एच1 वायरल के संक्रमण का पता चला है।

इसकी जानकारी के बाद अस्पताल से लेकर मेडिकल कालेज एवं उसके हास्टल में रह रहे छात्रों में खलबली मच गई। वहीं, एलएलआर अस्पताल के मेडिसिन आइसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती छात्रा की स्थिति दूसरे दिन भी गंभीर रही। 

सीटी स्कैन जांच के आधार पर दिमाग में गंभीर एक्यूट नाइक्रोटाइजिंग इंसेफलाइटिस का संक्रमण फैलने से इंटर वेनस इम्यूनो ग्लोबिन (आइवीआइजी) इंजेक्शन लगाया गया, जिससे ब्रेन में कुछ हलचल हुई। हालांकि हृदय की पंपिंग कम होने से शरीर में खून की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

इससे पहले मंगलवार को छात्रा के मां-पिता ने उसे लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (एसजीपीजीआइ) ले जाना चाह रहे थे। बुधवार को इलाज से संतुष्टि जताते हुए वहां लेकर जाने से मना कर दिया है। 

पौने दो लाख का लगेगा इंजेक्शन

बाराबंकी निवासी हेल्थ सुपरपाइजर आशीष कुमार एवं जीजीआइसी की प्रधानाचार्य मंजू श्रीवास्तव की पुत्री पाखी एलएलआर अस्पताल के आइसीयू में कोमा की स्थिति में आइसीयू में वेंटिलेटर पर प्रो. बीपी प्रियदर्शी की यूनिट में भर्ती हैं।

मस्तिष्क के संक्रमण को कम करने के लिए प्राचार्य प्रो. संजय काला, उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरि, प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या, प्रो. सौरभ अग्रवाल एवं प्रो. बीपी प्रियदर्शी ने बैठक करके इंटर वेनस इम्यूनो ग्लोबिन (आइवीआइजी) इंजेक्शन लगाने का निर्णय लिया।

इंजेक्शन महंगा होने पर प्रो. काला, प्रो. गिरि व प्रो. मौर्या ने अपने स्तर से बंदोबस्त करने का निर्णय लिया है। इंजेक्शन की 120 ग्राम डोज लगाई जाएगी, एक इंजेक्शन 10 ग्राम डोज का है, जो 14,600 का आता है। इस तरह इंजेक्शन का कुल खर्च लगभग 1,75,000 रुपये आएगा।

इंजेक्शन की एक डोज लगने के बाद एकदम शांत दिमाग में बुधवार को कुछ हलचल हुई और हाथों में भी हल्की ऐंठन हुई। मायो कार्डियाइटिस होने पर हार्ट की पंपिंग कम होने पर हृदय रोग विशेषज्ञ डा. मोहित सचान को दिखाया गया। 

प्राचार्य व उप प्राचार्य ने जाना हाल

प्राचार्य प्रो. संजय काला और उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरि छात्रा का हाल जानने आइसीयू पहुंचे। इलाज कर रहे प्रो. बीपी प्रियदर्शी से बात करने के बाद उसकी मां मंजू एवं पिता आशीष को हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। प्राचार्य ने इंजेक्शन के लिए डेढ़ लाख रुपये का चेक भी उन्हें दिया, जिसे स्वजन ने लौटा दिया।

इसके बाद उन्होनें मैटरनिटी विंग जाकर भर्ती छात्र-छात्राओं को हिम्मत बंधाई। प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि तीन बच्चे घबराए हैं, जबकि तीन को बुखार है। बुखार पीड़ित एक बच्चे को स्वजन घर ले गए हैं।

-पाखी का ब्लड सैंपल लेकर जापानी इंसेफलाइटिस, स्वाइन फ्लू, एवं स्क्रब टाइफस जांच के लिए लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया था। देर रात आई रिपोर्ट में स्पाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अन्य 70 छात्र-छात्राओं के डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आई है। - प्रो. संजय काला, प्राचार्य

Edited By: Abhishek Agnihotri

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