जागरण संवाददाता, कानपुर : तमाम तरह की कवायदों के बावजूद जल संरक्षण की योजनाएं दम तोड़ रही हैं। तेजी से घटता भूगर्भ जल स्तर खतरे की घंटी है। अगर लोग समय रहते नहीं चेते तो आने वाले कल में बूंद बूंद पानी को तरसना पड़ सकता है। कानपुर मंडल के कई जनपदों में बेतहाशा पानी का दोहन हो रहा है। इससे विभाग ने शासन को अवगत कराया है। जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जल सेना तैयार की जा रही है।

कानपुर और आसपास के जिलों में अच्छी बारिश होने के बावजूद भूगर्भ जल रीचार्ज नहीं हो सका। बरसाती पानी संचित नहीं हुआ और नालों में बह गया। औसतन 65 सेंटीमीटर तक गिरावट हुई। कल्याणपुर, नौबस्ता, शिवराजपुर, घाटमपुर, किदवई नगर के कई हिस्से अतिदोहन श्रेणी में आ गए। भूगर्भ जल विभाग ने शासन को यहां पर बो¨रग प्रतिबंधित करने को पत्र भी लिखा। कई तरह के प्रयास के बावजूद भूजल में वृद्धि नहीं हुई। यह स्थिति कई वर्षो से चली आ रही है। समस्या को देखते हुए भूगर्भ जल विभाग ने जल सेना तैयार करने का निर्णय किया है। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षाविद् के अलावा स्कूल, कालेजों के छात्र शामिल होंगे।

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च न की तरह बढ़ती जाएगी जल सेना

हाईड्रोलॉजिस्ट अवधेश भास्कर के मुताबिक प्रारंभ में जल सेना के लिए 50 लोगों को चुना जाएगा। इसमें कक्षा 8, 9 और 11 के 15 छात्र रहेंगे। महाविद्यालय, इंजीनिय¨रग कालेज के 10 छात्र, लघु उद्योग से 5, एनजीओ व जनप्रतिनिधि 10 और वरिष्ठ नागरिक 10 शामिल होंगे। यह चेन आगे बढ़ती जाएगी।

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जनजागरूकता अभियान फैलाएंगे

भूजल के अति दोहन एवं अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए जल सेना लोगों को जागरूक करेगी। स्कूल, कालेजों, मोहल्लों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रचार-प्रसार और नुक्कड़ नाटक का आयोजन होगा।

भूगर्भ जल तेजी से कम होता जा रहा है। उसे रोकने के लिए लोगों को आगे आना होगा। जल सेना अनियमित पानी के दोहन को रोकने के लिए जागरूक करेगी।

- अवधेश कुमार, एक्सईएन, भूगर्भ जल विभाग

By Jagran