जागरण संवाददाता, कानपुर : काकादेव रानीगंज में रहने वाले 7 साल के एक मासूम का सोमवार सुबह दो बाइक सवार बदमाशों ने स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया और परिजनों को फोन करके 5 करोड़ की फिरौती मागी। पुलिस और क्राइम ब्राच के हरकत में आने और नाकाबंदी की सूचना मिलने पर आरोपित बच्चे को खागा फतेहपुर में चलती बस में छोड़कर भाग निकले।

रानीगंज निवासी मंजीत शुक्ला काकादेव में होस्टल चलाते हैं। उनका इकलौता बेटा आदित्य उर्फ नंदू नेहरूनगर के ओंकारेश्वर सरस्वती शिक्षा निकेतन में तीसरी कक्षा का छात्र है। हर दिन की तरह सोमवार सुबह 8 बजे वह अपने चचेरे भाइयों रुद्राश (7), अक्षत (5) और दो अन्य बच्चों के साथ ई रिक्शा से स्कूल जा रहा था। लाजपतनगर में नहरिया रोड पर पीछे से आये दो बाइक सवारों ने ओवरटेक कर ई रिक्शा रोका और नंदू को आवाज दी और अक्षत ने हा कहा तो उसे उठाने लगे। रिक्शा चालक के विरोध पर कमर में लगा तमंचा निकाल कर जान से मारने की धमकी भी दी। इस पर नंदू बोला कि मैं हूं। तब उन्होंने अक्षत को छोड़कर नंदू को दबोच लिया। उसका स्कूल बैग बाइक पर रख उसे बीच मे बैठाकर दोनो बाइक वापस मोड़कर लाला लाजपतराय पार्क होते हुए रंगोली होटल वाली सड़क से फरार हो गए। चचेरे भाई रुद्राश ने बताया कि बाइक चला रहा युवक चेहरे पर रुमाल बाधे था। पीछे वाले के हाथ मे पिस्टल थी। घटना के बाद बच्चो ने परिजनों को बताया जिस पर मंजीत व उनके भाई राहुल अन्य लोगों के साथ पहुंचे। करीब आधे घटे बाद आदित्य के पिता के मोबाइल पर 5 करोड़ की फिरौती के लिए फोन आया। तब परिजनों ने पुलिस को फोन किया। सूचना पर नजीराबाद, फजलगंज, कल्याणपुर, काकादेव एसओ पहुंचे। इसके बाद एसपी साउथ अशोक कुमार, एसएसपी की क्राइम ब्राच, एडीजी की सर्विलास टीम ने आकर जाच शुरू की। पूरे शहर व आसपास के जनपदों को मैसेज भेजकर नाकाबंदी करा दी गई। पुलिस को पार्क के पास एक दुकान पर लगे कैमरे में बाइक सवार कैद मिले। बाइक नंबर और सर्विलास के जरिये पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी। इस बीच फतेहपुर जा रही बस के चालक का पिता के पास फोन आया कि बच्चा उनकी बस में है। तब पुलिस टीम ने जाकर बच्चे को खागा में सकुशल बरामद किया।

Posted By: Jagran