कानपुर, जेएनएन। सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन तो हर साल होता ही है। हालांकि, अब उनके समग्र मूल्यांकन को लेकर सीबीएसई ने एक खास तरह की कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत बोर्ड ने जहां गूगल से करार किया है, वहीं बोर्ड विशेषज्ञों का मानना है कि मूल्यांकन से ही छात्रों की प्रगति संबंधी असल जानकारी मिल पाती है।

करार के बाद अब गूगल के विशेषज्ञ, सीबीएसई शिक्षकों को समग्र मूल्यांकन के तौर-तरीके बताएंगे। 22 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच कुल चार अलग-अलग सत्रों में वेबिनार के माध्यम से वह जानकारी देंगे। इस संबंध में बोर्ड के निदेशक स्किल एजूकेशन एंड ट्रेनिंग डा.बिस्वजीत साहा की ओर से दिशा-निर्देश जारी हो गए हैं।

मूल्यांकन को लेकर छात्र रहते गंभीर : मूल्यांकन को लेकर हमेशा छात्र-छात्राएं भी बेहद गंभीर रहते हैं। इस सत्र में ही जब बोर्ड ने कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं नहीं कराईं, तो कई छात्रों ने बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल उठाए। हालांकि, उसके बाद बोर्ड की ओर से कंपार्टमेंट व इंप्रूवमेंट परीक्षाएं कराई गईं। गुरुनानक माडर्न स्कूल के अकादमिक संयोजक विवेक अवस्थी ने बताया कि अगर मूल्यांकन बेहतर होगा तो छात्र खुद ही अंपने अंकों से संतुष्ट होंगे।

इन विषयों पर दी जाएगी जानकारी: 

  • डिफाइन द गोल्स फार लर्निंग कीपिंग द एंड इन माइंड
  •  प्लानिंग टू एसेस द लर्निंग
  •  असेसमेंट स्ट्रेटेजीज
  • रिफलेक्शन एज एन असेसमेंट टूल

इनका ये है कहना: 

इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सभी स्कूलों के अधिक से अधिक शिक्षकों को प्रतिभाग करना चाहिए। जिससे वह मूल्यांकन के नए तौर-तरीके जान सकें। - बलविंदर सिंह, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई

Edited By: Shaswat Gupta