कानपुर, जेएनएन। मकान खरीदने की सोच रहे है और सौदा करने जा रहे हैं तो पहले पूरी पड़ताल कर लें वरना उर्सला अस्पताल के सर्जन की तरह आप भी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे ही झांसे में आकर नौबस्ता निवासी उर्सला अस्पताल के सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार मिश्र और जाजमऊ निवासी जसविंद सिंह ने करीब 86 लाख रुपये गंवा दिए हैं। मकान बेचने का झांसा देकर दोनों लोगों को धोखा दिया गया। सर्जन ने नौबस्ता में दो व्यक्तियों और जसविंद ने फजलगंज थाने में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखाई है।

हरदेवनगर बर्रा निवासी डॉ. पुरुषोत्तम मिश्र ने बताया कि एक प्रापर्टी डीलर जगदीश प्रसाद शुक्ल के माध्यम से केशव नगर में एक मकान का एक करोड़ छह लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। मकान मालिक और उनकी मां को तीन-तीन लाख रुपये की चेक एडवांस देकर एग्रीमेंट कराया। इसके बाद साढ़े 12 लाख रुपये के चेकों के जरिए दोनों को कुल 50 लाख रुपये भुगतान किया। फिर भी आरोपितों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में पता लगा कि मकान पर पहले से बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा विनोबानगर का 59 लाख रुपये बकाया है। जब सर्जन ने आरोपितों से रकम वापस मांगी तो मां-बेटे ने जो चेकें दीं वह बाउंस हो गईं। थाना प्रभारी नौबस्ता आशीष कुमार शुक्ल ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उधर, डिफेंस कालोनी जाजमऊ निवासी जसविंद सिंह आनंद ने बताया कि दर्शनपुरवा कालपी रोड पर उन्होंने 70 लाख रुपये में एक महिला के मकान का सौदा किया था। एडवांस के तौर पर पांच लाख रुपये देकर महिला से एग्रीमेंट भी कराया। इसके बाद महिला ने पांच लोगों के साथ 31 लाख रुपये और लिए। रकम लेने के बाद उन्होंने मकान का ग्राउंड फ्लोर किराये पर उठा होने की जानकारी देकर रजिस्ट्री करने से इन्कार कर दिया और मकान के एक करोड़ रुपये मांगने लगे। जब दी गई रकम वापस मांगी तो वह धमकाने लगी।

Posted By: Abhishek

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप