कानपुर, जेएनएन। वैश्विक महामारी के प्रकोप को देखते हुए देश भर में लगाए गए लॉकडाउन के कारण शहर के फुटवियर उद्योग को 50 करोड़ की चोट पहुंची थी। इसके बाद अनलॉक में जैसे ही स्कूल-कॉलेजों को खोलने का शासनादेश आया वैसे ही फुटवियर उद्योग अपनी रफ्तार पकडऩे की दिशा में अग्रसर है।

यूपी के फुटवियर उद्योग को चार सौ करोड़ की चपत

जुलाई का महीना शुरू होते ही जूतों के ऑर्डर की लाइन लग जाया करती थी लेकिन इस बार बना हुआ माल न बिकने से वह कबाड़ हो गया है। सरकारी व निजी स्कूलों के ऑर्डर न मिलने से कानपुर समेत यूपी में फुटवियर उद्यमियों को 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कोरोना काल से पहले सरकार ने 150 करोड़ के ऑर्डर निकाले थे जो कैंसल कर दिए गए। यह समय जाड़े के मौसम में फुटवियर शू उतारने का हुआ करता था। अब दोबारा स्कूल खुलने के बाद फिर से फुटवियर उद्योग पटरी पर आने की तैयारी कर रहा है।

इसके अलावा बैंकों से मिलने वाले लोन ने उद्यमियों के लिए आगे की राह बहुत आसान कर दी है। कार्यशील पूंजी अटकने से काफी दिक्कतें हो रहीं थीं, जो कि लोन मिलने कम हो गईं। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि लोन तीन वर्ष के लिए है, जिसकी वजह से इसे तुरंत चुकाने का दबाव नहीं है। फुटबॉल उद्यमी अंकुज गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने से फुटवियर की मांग बढ़ी है। स्कूल खुल गए हैं, अब नए सत्र की तैयारी दिसंबर से शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है नए सत्र में भरपाई होगी।

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