विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UP Flood Alert: फर्रुखाबाद में बाढ़ ने तबाही मचाई: 60 गांव प्रभावित, 12 दिन में 34 मकान ढहे; कन्नौज और शुक्लांगज में खतरा

Published: Tue, 11 Aug 2026 09:07 PM (IST)

फर्रुखाबाद में गंगा के बढ़ते जलस्तर से 60 गांव प्रभावित हुए हैं और 12 दिनों में 34 मकान ढह गए ...और पढ़ें

गांव दिलीप की मड़ैया में बाढ़ की तेज धार से मकान कटने के बाद पड़ा मलबा। जागरण

गांव दिलीप की मड़ैया में बाढ़ की तेज धार से मकान कटने के बाद पड़ा मलबा। जागरण

HighLights

  1. फर्रुखाबाद में 60 गांव बाढ़ की चपेट में।

  2. 12 दिन में 34 मकान गंगा में समाए।

  3. कन्नौज-शुक्लागंज में गंगा चेतावनी बिंदु के करीब।

जागरण टीम, कानपुर। उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से फर्रुखाबाद, कन्नौज और शुक्लांगज में लोग प्रभावित हो रहे। फर्रुखाबाद में बाढ़ से 60 गांव प्रभावित हुए हैं और 12 दिनों में 34 मकान गिर चुके हैं। कन्नौज में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है, जिससे तटीय इलाकों में पानी घुस गया है। शुक्लागंज में गंगाघाट के गोताखोर भी सक्रिय हैं, जबकि शाहीनगर और करबला में लगभग 200 मकान पानी में डूबे हैं।

उन्नाव में गंगा का जलस्तर बीते 20 घंटे में पांच सेंटीमीटर बढ़कर 112.060 मीटर पहुंच गया है। शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु 112 मीटर है। वहीं, खतरे का निशान 113 मीटर है। फर्रुखाबाद में गंगा 10 सेंटीमीटर बढ़कर 137.05 मीटर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर दूर है। जलस्तर बढ़ने से करीब 60 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पानी भरने से 55 परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए हैं।

UP Flood Alert (3)

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

चित्रकूट डिप पर ढाई फीट पानी भरने से मार्ग पर आवागमन बंद करा दिया गया है। दिलीप की मड़ैया में सात मकान कटकर बाढ़ में समा गए। यहां पिछले 12 दिन में 34 मकान गिर चुके है। कन्नौज के मेहंदी घाट पर भी गंगा चेतावनी बिंदु से महज 10 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

फर्रुखाबाद के शाहजहांपुर मार्ग पर एक फीट से अधिक बह रहा बाढ़ का पानी

सोमवार रात से गंगा में जलस्तर बढ़ने लगा। जिससे जनपद शाहजहांपुर जाने वाले मार्ग पर गांव चौरा के पास सड़क पर एक फीट से अधिक पानी पह रहा है। पैलानी दक्षिण, भगवानपुर, नगला बसोला, बांसखेड़ा, समैचीपुर चितार, अचानकपुर, अलमापुर व कटरी तौफीक आदि गांव जाने वाले संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। ग्रामीण नाव से ही आवागमन कर रहे हैं या फिर घुसकर निकलना पड़ रहा है। गांव कटरी तौफीक में कटान हो रहा है। जिससे लोग अपना सामान बैलगाड़ी में भरकर सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं।

UP Flood Alert


कांशीराम कालोनी में घुसा बाढ़ का पानी, घर खाली करने लगे लोग

मंगलवार तड़के कांशीराम कालोनी हैबतपुर गढ़िया में बाढ़ का पानी पहुंच गया। निचले तल पर बने आवासों में पानी भर गया। आवासों में रहने वाले लोगों ने गृहस्थी का सामान तखत, बेड व चारपाई आदि पर रखकर उसे बचाने का प्रयास किया। छोटे-छोटे बच्चों को लोग दूसरे तल पर बने आवासों में लेकर चले गए।

दिलीप की मड़ैया में सात मकान फिर कटे, अब गांव में सिर्फ तीन घर बचे

सदर तहसील क्षेत्र के गांव दिलीप की मड़ैया में गंगा नदी की तेज धार से लगातार कटान हो रहा है। मंगलवार को भी गांव में सात मकान फिर कट गए। इससे 12 दिन में कुल 34 मकान और एक झोपड़ी कट कर बाढ़ के पानी में समा चुकी है। अब सिर्फ गांव में तीन मकान शेष रह गए हैं। कटान का विकराल रूप देख भयभीत ग्रामीणों ने सामान हटाना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों के चेहरों पर मकान कटने का दर्द भी साफ झलक रहा था। बाढ़ के चलते कई गांवों के ग्रामीण अभी भी नाव से ही आवागमन कर रहे हैं।

UP Flood Alert (6)

तेजी से होते कटान को देख ग्रामीणों ने घर खाली करने किए शुरू

बिलावलपुर, प्रहलाद की मड़ैया व गढ़िया आदि गांवों में सड़कों पानी की धार चल रही थी। ग्रामीणों के अनुसार 12 दिन में 34 मकान गंगा की तेज धार की चपेट में आने से कट चुके हैं, वहीं उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार सिंह ने बताया कि दिलीप की मड़ैया में 25 मकान कटे हैं। मंगलवार को कोई मकान नहीं कटा। एक मकान में तीन-चार ग्रामीण रहते हैं तो वह लोग मुआवजा पाने के लिए घर को अपना-अपना बताने लगते।


खतरे के निशान से पांच सेमी दूर गंगा, राजेपुर-बदायूं मार्ग बंद

गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर दूर रह गया है। तटवर्ती 35 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। चित्रकूट डिप पर ढाई फीट पानी तेज धार से बहने से बदायूं मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। जिससे ग्रामीण सात किलोमीटर डबरी घूमकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। खेतों में बाढ़ का पानी भरा होने से ग्रामीणों को मवेशियों के चारे के संकट हो गया है। ग्रामीण दूरदराज से चारा ला रहे हैं। नाविक के इंतजार में स्कूल से आए बच्चे घर जाने के लिए आधा घंटे से अधिक समय तक नाव में बैठे रहे।


इधर, कुंडपुरा के पास कटान से मकानों को खतरा

गंगा की बाढ़ का पानी कुंडपुरा गांव के नजदीक पहुंच गया है। तेज धार के कारण हो रहे कटान से गांव के किनारे बने मकान पर खतरा बना हुआ है।
गंगा की बाढ़ का पानी ग्राम पंचायत शेरपुर सराय के मजरा कुंडपुरा के नजदीक पहुंच गया है। गंगा की तेज धार के कारण कटान भी हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कुंडपुरा गांव में गंगा की धार की सीधी ठोकर लग रही है। जिससे तेज कटान हो रहा है। मंशाराम का मकान कटान की जद में आ गया है। दीपसिंह के मकान को भी खतरा है। ग्रामीण अभिषेक व रावेंद्र ने बताया कि गांव में बाढ़ की स्थिति का लेखपाल प्रवेश निरीक्षण कर गए हैं।


कन्नौज में तटीय इलाकों में घुसा पानी गंगा का पानी

मंगलवार को कन्नौज में मेहंदी घाट पर गंगा का जलस्तर 124.87 मीटर दर्ज किया है। इससे चेतावनी बिंदु 124.97 मीटर से 10 मीटर जलस्तर नीचे है। गंगा किनारे के कासिमपुर, बक्शीपुरवा, कटरी-गंगपुर, कछोहा, दरियापुर चंदई और अलियापुर गांव के मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुस आया। खेतों में पानी घुसने से फसल नष्ट होने लगी हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कासिमपुर गांव की पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा है।

डीएम ने की सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील


जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कासिमपुर और बख्सीपुर्वा के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की है। इसके अलावा अधिकारियों को रोजाना सुबह-शाम गंगा के जलस्तर की निगरानी के निर्देश दिए हैं। अलियापुर गांव के किनारे काली नदी का पानी बह रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पहले से पूरी कर ली गई है। किसी तरह से प्रभावित ग्रामीणों को परेशान होने नहीं दिया जाएगा।


नरौरा बांध से छोड़ा गया पानी

गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक है। ऐसे में मंगलवार को नरौरा बांध से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गुरुवार तक यह पानी मेहंदी घाट पहुंचेगा। वहीं मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा हो रही है। इससे जल्द चेतावनी बिंदु पार होने की संभावना है।


शुक्लागंज में सात सेंटीमीटर और बढ़ा जलस्तर


केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बीते सोमवार को शाम छह बजे गंगा का जलस्तर समुद्र तल से 112.010 मीटर रिकार्ड किया गया था। जो मंगलवार को शाम छह बजे सात सेंटीमीटर बढ़कर 112.080 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे मिश्रा कालोनी, मनोहरनगर, बालूघाट, सीताराम कालोनी, शक्तीनगर, इंदिरानगर, गंगानगर, बहादुर बगिया, गंगानगर, रविदासनगर व आलमनगर आदि मुहल्लों में रहने वाले लोग परेशान होने लगे हैं। शुक्लागंज में गंगा का चेतावनी बिंदु 112.000 मीटर पर व खतरे का निशान 113.000 मीटर पर है। क्षेत्रीय लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए 10 सरकारी नाव लगाई गई हैं। नाविकों व गोताखोरों को सतर्क कर दिया गया है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

यह भी पढ़ें- कानपुर में महिला ने की आत्महत्या, 3 पेज के सुसाइड नोट में लिखा दर्द, बच्चों ने बताई पिता की दरिंदगी की कहानी