Move to Jagran APP

नकली नोटों की बाढ़ः 50 गुना तक बढ़ी 2000 और 500 रुपए की जाली करेंसी

पिछले सालों के मुकाबले देश में वर्ष 2017-18 के वित्तीय वर्ष में छोटे मूल्य वर्ग के नकली नोट बेतहाशा बढ़े हैं। बैंकों का सिस्टम करीब 37 फीसद नकली नोट ही पकड़ सका।

By Nawal MishraEdited By: Published: Wed, 29 Aug 2018 06:18 PM (IST)Updated: Thu, 30 Aug 2018 07:40 AM (IST)
नकली नोटों की बाढ़ः 50 गुना तक बढ़ी 2000 और 500 रुपए की जाली करेंसी

कानपुर (जेएनएन)। नकली नोटों पर अंकुश लगाने, काला धन बाहर निकालने के लिए नोटबंदी प्रक्रिया के चलते सरकार पर सवाल तो पिछले साल से ही उठ रहे थे, भारतीय रिजर्व बैंक की बुधवार को पूरे देश भर की जारी वार्षिक रिपोर्ट में नकली नोटों पर अंकुश का मामला भी धराशायी होता नजर आ रहा है। नए नोटों में नकली नोटों की संख्या तेजी से बढ़ी ही है, पिछले सालों के मुकाबले देश में वर्ष 2017-18 के वित्तीय वर्ष में छोटे मूल्य वर्ग के नकली नोट भी बेतहाशा बढ़े हैं। हालांकि आरबीआइ ने इस वर्ष नए नोटों में नए सुरक्षा फीचर का हवाला दिया है लेकिन नकली नोटों में नए मूल्य वर्ग की संख्या वृद्धि डरा रही है। दो हजार रुपये मूल्य वर्ग में नकली नोटों की संख्या में 28 गुना इजाफा हुआ है तो 500 रुपये के मूल्य वर्ग  में करीब 50 गुना।

loksabha election banner

ऐसे बढ़े नकली नोट (नोटों की संख्या)

मूल्य वर्ग  2016     2017   2018

50      6453     9222      23447

100    221447  177195  239182

200    -            -              79

500    -          199      9892

2000   -         638    17229

37 फीसद नकली नोट ही पकड़े जा सके

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को पूरे देश की वार्षिक रिपोर्ट पेश की। आरबीआइ के आंकड़ों के अनुसार नोटबंदी के बाद नए नोटों के मूल्य वर्ग में नकली नोटों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसमें बैंकों का सिस्टम करीब 37 फीसद नकली नोट ही पकड़ सका है, बाकी आरबीआइ ने पकड़े हैं। हालांकि पहले बैंकों में केवल चार-पांच फीसद ही नकली नोट पकड़े जाते थे। खास बात यह है कि इस आंकड़े में पुलिस के पास जब्त नकली नोटों की संख्या शामिल नहीं है।

राशि का विवरण

  • मार्च 2016 के मुकाबले मार्च 2018 तक 1.62 लाख करोड़ रुपये अधिक थे प्रचलन में
  • मार्च 2017 के मुकाबले मार्च 2018 में पांच लाख करोड़ रुपये अधिक प्रचलन में 
  • बड़े मूल्य वर्ग (दो हजार और पांच सौ) का हिस्सा कुल मुद्रा का 80 फीसद 
  • इस वर्ष 10, 50 और 200 रुपये नए नोट जारी हुए 
  • बीते वित्तीय वर्ष में 600 करोड़ रुपये के नए सिक्के जारी हुए 
  • पूरी तरह भारतीय नोट तैयार करने में सफलता हासिल की

Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.