कानपुर, जेएनएन। शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने से सभी चंतित हैं, वहीं दूसरी ओर सोमवार को पहले मरीज ने जिजीविषा व इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना से जंग जीत ली। सोमवार को उन्हें उर्सला अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तो आइसोलेशन वार्ड से बुजुर्ग के बाहर आने कतार में खड़े डॉक्टरों ने ताली बजाकर विदाई दी।

मैनावती मार्ग स्थित एनआरआइ सिटी के डायमंड ब्लाक निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर 23 मार्च को उर्सला के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। उका इलाज उर्सला के सीएमएस डॉ. शैलेंद्र तिवारी और जिला महामारी वैज्ञानिक डॉ. देव सिंह की देखरेख में चल रहा था। बीच में हालत बिगड़ी थी लेकिन डॉक्टरों ने स्थिति संभाल ली थी और फिर धीरे-धीरे उनमें सुधार होता गया।

31 मार्च को एक्सरे में फेफड़े पूरी तरह साफ और सुरक्षित मिले। एक अप्रैल को थ्रोट और नेजल स्वाब लेकर लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा, जिसकी दो अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आने पर डॉक्टरों ने खुशी जताई थी। तीन अप्रैल को फिर सैंपल लखनऊ एसजीपीजीआई भेजा गया, तीसरी बार फिर निगेटिव रिपोर्ट आई थी। इसके सभी जांचें कराने के बाद सोमवार दोपहर उन्हें डिस्चार्ज किया गया।

बुजुर्ग को वार्ड से सीएमओ डॉ अशोक शुक्ला साथ लेकर एंबुलेंस तक गए तो ओपीडी बिल्डिंग भवन के बाहर तक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ ने लाइन में खड़े होकर तालियां बजाते हुए विदाई दी। 108 एंबुलेंस से उन्हें घर तक छुड़वाया गया और साथ में जिलाा महामारी वैज्ञानिक डॉ. देव सिंह भी गए। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिले शहर के पहले बुजुर्ग अब पूरी तरह ठीक हैं। इसलिए अस्पताल से छुट्टी दी गई, फिलहाल वह घर पर 14 दिन और क्वारंटाइन रहेंगे।

Posted By: Abhishek

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