मैरिज ब्यूरो की आड़ में करोड़ों की ठगी, कानपुर में 3 फर्जी कॉल सेंटरों पर रेड, संचालक-मैनेजर गिरफ्तार, 23 युवतियां करतीं काम
कानपुर में साइबर टीम ने फर्जी मैरिज ब्यूरो और विज्ञापन एजेंसी की आड़ में करोड़ों की ठगी करने वाले तीन कॉल सेंटरों पर छापा मारा।

(Photo Source - AI Generated)
HighLights
कानपुर में तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर साइबर टीम का छापा।
AI तस्वीरों से शादी के नाम पर करोड़ों की ठगी करते थे।
संचालक-मैनेजर गिरफ्तार, 23 युवतियों से पूछताछ जारी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। मैरिज ब्यूरा और विज्ञापन एजेंसी की आड़ में ठगी का काल सेंटर चला करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के नौबस्ता व किदवई नगर के तीन काल सेंटरों पर साइबर टीम ने मंगलवार शाम छापा मारा। छापे के दौरान संचालक और उसके मैनेजर को टीम ने पकड़ा। वहीं काल सेंटरों पर काम करने 23 युवतियों से अधिकारी ने कई घंटे पूछताछ कर गिरोह की करतूतों का पता लगा साक्ष्य जुटाए।
ये गिरोह एक साल में 500 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। गिराेह फेसबुक और इंस्टाग्राम व माय एप के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें ठगी के जाल में फंसाते। टेलीकालर उन लोगों से संपर्क कर उन्हें एआइ से बनाई फोटो भेजकर आकर्षित करते और पंजीकरण के नाम पर, फिर अन्य बहाने से गिरोह ठगी करता था। टीम को आरोपित के चार खाते मिले हैं, जिसमें दो फ्रीज करा दिए गए हैं। मामले में पुलिस आयुक्त बुधवार को प्रेसवार्ता कर सकते हैं।
नौबस्ता काल सेेंटर की आई शिकायत
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि उनके पास एक शिकायत आई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि नौबस्ता चौराहे के पास एक काल सेंटर है, जहां शादी कराने के नाम पर ठगी की जाती है। आरोपितों ने उनसे फेसबुक के माध्यम से नंबर लेकर बात की और फिर विभिन्न युवतियों की फोटो भेजकर पंजीकरण करा दिया।
इस तरह करते ठगी
इसके बाद युवती को गरीब बता उसकी शादी का खर्च उठाने, मुलाकात करवाने समेत झांसा देकर लाखों रुपये ठगे। उनकी संयुक्त टीम ने कुछ दिन पहले जांच कर काल सेंटर पर नजर रखी। बाद में पता चला कि वह काल सेंटर एक व्यक्ति का है, जिसके नौबस्ता में दो और एक किदवई नगर में संचालित था, जहां मैरिज ब्यूराें का काल सेंटर बनाया गया है।
इंटरनेट मीडिया के जरिए करते संपर्क
फेसबुक, इंस्टाग्राम, माय एप समेत जरिए से लोगों से संपर्क करते हैं। बातचीत के दौरान उनसे शादी होने की बात काल सेंटर पर काल करने वाली युवतियां पूछती हैं। इसके बाद पंजीकरण कराते हैं और उन्हें एआइ से बनाई गई फोटो वाट्सएप पर भेजते हैं। इसके बाद ठगी करने का खेल शुरू होता है। तरह तरह के बहाने बना लोगों को झांसे में लेकर रुपये ठगते हैं। एडीसीपी ने बताया कि तीनों काल सेंटर दो कंपनियों के नाम से खुले हैं। यहां 20 से 22 वर्ष की 23 युवतियाें को पांच से छह हजार के वेतन पर रखा गया था।
फोन पर सैकड़ों युवतियों की फोटो और लोगों के मोबाइल नंबर मिले
साइबर टीम ने बताया कि आरोपितों के मोबाइल पर सैकड़ों युवतियों के फोटो व लोगों के मोबाइल नंबर मिले हैं। 20 से 25 पीड़ित कई दिनों से संचालक को फोन कर उससे अपने रुपये मांग रहे हैं। एक-एक व्यक्ति से ये गिरोह चार से पांच लाख रुपये ठग चुका है।
