जागरण संवाददाता, कानपुर: सोमवार से सड़क सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत हो गई। अगले सात दिन तक परिवहन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। चालकों को सुरक्षित ढंग से वाहन चलाने का पाठ पढ़ाया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, लेकिन परिवहन अधिकारी अपने ही घर में आंखें मूंदे हुए हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय (आरटीओ) में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की परीक्षा में नियम तोड़ने की छूट दी जा रही है। आवेदक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर बिना हेलमेट और सीट बेल्ट लगाए वाहन चला कर परीक्षा दे रहे है। यह सब वहां परीक्षा ले रहे अधिकारियों के सामने ही होता है। उनकी नजर वाहन चलाने वाले सवार पर रहती है, लेकिन यातायात नियमों टूटने की ओर उनका ध्यान ही नहीं जाता है। वहीं मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधन में हेलमेट और सीट बेल्ट का जुर्माना काफी बढ़ गया है। चालान जुर्माना 100 से 500 रुपये हो गया है। टेस्टिंग ट्रैक आठ के आकर का होता है, जिस पर चालक को सावधानी पूर्वक वाहन चलाना पड़ता है। ट्रैक के किनारों पर पहिया या वाहन का कोई हिस्सा टकराने पर चलाने वाला फेल हो जाता है। कई बार बाइक या स्कूटी सवार गिरकर घायल भी हो जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से सिर पर हेलमेट का होना जरूरी है। उप परिवहन आयुक्त देवेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है। बिना ट्रैफिक नियमों का पालन कराए ली जा रही परीक्षा की जांच कराई जाएगी।

Posted By: Jagran

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