EPFO नियमों में बड़ा बदलाव: नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी; 25,000 हुई ईपीएफओ सैलरी लिमिट, मिलेगी ज्यादा पेंशन
ईपीएफओ ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, अब कुल वेतन का 50% पीएफ योग्य होगा और अनिवार्य कवरेज की ...और पढ़ें
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यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
कुल वेतन का 50% हिस्सा अब पीएफ योग्य होगा
अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15 से 25 हजार हुई
नियोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा
जागरण संवाददाता, कानपुर। ईपीएफओ के अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार करने के फैसले से पीएफ खाते में फंड तो बढ़ेगा ही, इसका फायदा लांग टर्म में पेंशनार्थियों को भी होगा। रिटायरमेंट की 58 साल की उम्र में अभी जिनके पास पांच साल बाकी हैं, उन्हें बढ़ी पेंशन मिलेगी। इसके अलावा किसी की मृत्यु होने पर मृतक आश्रितों को भी अधिक पेंशन मिलेगी। ये जानकारी शुक्रवार को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम शाहिद इकबाल ने पत्रकार वार्ता में दी।
ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में उन्होंने कहा कि नए लेबर कानून के मुताबिक किसी भी कर्मचारी को मिलने वाले कुल वेतन का 50 प्रतिशत उसका पीएफ कटने योग्य वेतन माना जाएगा। इस आधार पर बहुत से ऐसे कर्मचारी हैं, जिनका बेसिक वेतन कम है, वह बढ़ेगा और उसी आधार पर पीएफ खाते में फंड जमा होगा। इससे पेंशन का अंशदान भी बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि नियोक्ताओं पर इस योजना से कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा क्योंकि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (ईएलआइ) के तहत कर्मचारियों की नई भर्ती करने, रीज्वाइनिंग कराने पर प्रति कर्मचारी एक से से तीन हजार रुपये प्रति माह दो साल तक नियोक्ता को सरकार देगी। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं को यह सुविधा चार साल तक मिलेगी। साथ ही कर्मचारी नामांकन योजना का भी लाभ उन्हें मिलने से कोई भी अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय कुमार अभिषेक ने बताया कि इस योजना से कानपुर परिक्षेत्र के करीब 3.3 लाख पीएफ अंशधारकों को लाभ मिलेगा। करीब 80 हजार नए सदस्यों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पीएफ अधिक कटने से रिटायरमेंट पर उन्हें अधिक फंड मिलेगा।
उत्तर प्रदेश अंचल क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अमित कुमार बाजपेई ने बताया कि जिनके रिटायरमेंट के पांच साल बाकी हैं, उन्हें अधिक फायदा मिलेगा। पेंशन आखिरी पांच साल के औसत मासिक वेतन के आधार पर तय होती है।
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