कानपुर (जागरण संवाददाता)। दैनिक जागरण की यूथ पार्लियामेंट के शनिवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए युवा सांसदों का चयन कर लिया गया है। लोकतंत्र की इस पाठशाला का हिस्सा बनने के लिए सैकड़ों युवाओं ने अपने कौशल का परिचय दिया था। अंतिम सूची में 50 युवाओं को जगह दी गई। इससे पहले साकेत नगर स्थित जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्यूनिकेशन में शुक्रवार को दूसरे दिन भी कई युवा सांसद बनने की दावेदारी प्रस्तुत करने पहुंचे। यहां पहले उन्होंने आनलाइन परीक्षा दी। इसके बाद सामूहिक परिचर्चा और साक्षात्कार के कई चरणों को पार करते हुए मंजिल को हासिल करने में कामयाब रहे।  
चुने गए युवा सांसद
प्रखर शुक्ला, जयप्रकाश, दिग्विजय सिंह, करमवीर चौहान, अनुराग तिवारी, धर्मपाल सिंह, प्रशांत कुमार, हिमांशु सिंह, पीयूष सिंह, आशीष गुप्ता, अशमीत सिंह खरबंदा, अर्पित बाजपेई, अनुज मौर्या, हर्षित अग्रवाल, श्रेया कुशवाहा, अमित मिश्रा, मनीष पांडेय, आशुतोष संखवार, अमन त्रिपाठी, प्रिया शुक्ला, अंशुमान शर्मा, शिवम तिवारी, अविनाश जायसवाल, माज आलम, रूपल्लवी भारतीय, अंबर बाजपेई, वैभव साहू, सरफराज अहमद, शिवम पांडेय, कनिका सचान, प्रगति चौरसिया, तुषारिका शर्मा, आशुतोष दीक्षित, स्वप्निल जोशी, शुभम गुप्ता, सुष्मित वर्मा, रिया चंदानी, सागर निगम, श्रेयांश गर्ग, अंजली पांडेय, मयंक अग्निहोत्री, प्रिया गुप्ता, सागर शुक्ला, प्रतिपाल साहू, ऐश्वर्य द्विवेदी, शिवांशु श्रीवास्तव, तमन्ना शारिक, आकाश शर्मा, विकास पांडेय व मोहम्मद सैफान।
25 साल तक की उम्र वाले होंगे सांसद
युवा संसद में 18 से 25 साल के युवाओं को लिया जाना था। इसके लिए सबसे पहले 30 अंकों की ऑनलाइन परीक्षा हुई। इसमें 20 अंक प्रवेश परीक्षा और 10 अंक नॉलेज टेस्ट के थे। पूरी परीक्षा 15 मिनट के अंदर आयोजित की गई। अधिकतर छात्रों ने जहां पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया था। वहीं कुछ ने शुक्रवार को 'ऑन द स्पॉट' आकर पंजीकरण कराया।  
गौरक्षा व फेक न्यूज पर ग्रुप डिस्कशन
शुक्रवार को युवा संसद में छात्र-छात्राओं ने गौरक्षा, फेक न्यूज के लिए जिम्मेदार कौन, निर्भया कांड के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए कानूनों समेत अन्य विषयों पर सामूहिक परिचर्चा की। इसके लिए छात्र-छात्राओं की टीमें बनाई गईं। टफ होप के सोहम घोष और पौशाली सरकार ने सहयोग किया।  
पहले समस्याओं पर की बात, फिर बताया समाधान
सबसे पहले लोकतांत्रिक संवाद कला को परखा गया। उनसे समस्याएं पूछी गईं फिर उनका समाधान करने को कहा गया। जिस प्रतिभागी ने सटीक उत्तर दिया, उसे अगले राउंड तक जाने का मौका दिया गया।
-संसदीय कार्यवाही के विषय में अभी तक केवल सुना था, पर आज कार्यवाही देखने को मिली। दैनिक जागरण का यह कार्यक्रम बेहद सराहनीय। -कनिका
-युवा संसद एक बेहतर मंच है, जहां हम अपनी अभिव्यक्ति दे सकते हैं। इससे नेतृत्व करने की क्षमता में वृद्धि होगी। दीपाली संसद की प्रक्रिया को देखने का मौका मिला है। बहुत अच्छा अनुभव रहा। इसके लिए बिल्कुल सोचा नहीं था। - अंजली पांडेय
-युवा संसद की इस पहल की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। जो टीवी पर देखते थे, उसी प्रारूप में तैयार इस संसद में प्रतिभाग कर खुश हूं। -किशन सिंह
-देश की समस्याओं पर बेबाकी से चर्चा की। इस संसद में हिस्सा लेकर उत्साहित हूं। आत्मविश्वास पूरी तरह से बढ़ गया। -आशुतोष शुक्ला
-ऑनलाइन परीक्षा, विभिन्न विषयों पर चर्चा करने से बहुत अच्छा लग रहा है। यह एक अद्भुत कार्यक्रम है। -अभय तिवारी