जेएनएन, कानपुर : युवाओं के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 45 साल से ऊपर के लाभार्थियों का टीकाकरण गड़बड़ा रहा है। कभी किसी केंद्र में वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है, तो कभी किसी में केवल 18 से 44 को रखा जाता है। इस शेड्यूल के चक्कर में 45 साल से ऊपर के लाभार्थी चक्करघिन्नी बन रहे हैं।

सबसे ज्यादा दिक्कत दूसरी डोज वालों को आ रही है। उन्हें उनकी पूर्व में लगी वैक्सीन नहीं लग पा रही है। पहली डोज कोवैक्सीन लगवाने वाले उसकी जानकारी के लिए परेशान हैं। शुक्रवार को जागेश्वर अस्पताल, ग्वालटोली, हुमायुंबाग, नेहरू नगर में सिर्फ 18 से 44 आयु के लोगों को वैक्सीन लगी। जागेश्वर हॉस्पिटल में लोगों ने हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को काफी मुश्किल से शांत कराया।

2800 में 2259 युवाओं ने टीका लगवाया : स्वास्थ्य विभाग की ओर से युवाओं के लिए शुक्रवार को 2800 का लक्ष्य निर्धारित हुआ था, जिसमें से 2259 ने वैक्सीन लगवाई। 45 या उससे अधिक आयुवर्ग के 3450 ने टिका लगवाया। 1501 को सेकंड डोज लगी।

यहा लगेगा टीका : 45 से अधिक उम्र के लाभार्थी : सीएचसी सरसौल, बिधनू, बिल्हौर, चौबेपुर, ककवन, घाटमपुर, पतारा, भीतरगाव, पीएचसी अरौल।

कोवैक्सीन सेकंड डोज : सीएचसी कल्याणपुर, गुजैनी, किदवई नगर, नेहरू नगर, कृष्णा नगर।

युवाओं : सीएचसी कल्याणपुर, सरसौल, बिधनू, बिल्हौर,चौबेपुर, जागेश्वर अस्पताल, ग्वालटोली, हरजिंदर नगर, किदवई नगर, उर्सला, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, हुमायुंबाग, नेहरू नगर, कैंट। सामान्य बेड खाली हैं, ले आइए मरीज, कानपुर : अस्पतालों में आइसीयू और वेंटिलेटर की मारामारी है, जबकि सामान्य बेड खाली हैं। शुक्रवार को दैनिक जागरण में छपे हेल्पलाइन नंबरों पर पड़ताल की गई तो जिम्मेदार ये समस्या बताकर बोले, मरीज ले आइए भर्ती कर लेंगे। कांशीराम अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने के लिए रघुवीर के मोबाइल नंबर पर कॉल की गई तो फोन ही नहीं उठा। इसके बाद नोडल अधिकारी अनिल कुमार जैन के नंबर पर कॉल की गई तो उन्होंने कहा आइसोलेशन बेड खाली है। मरीज को ले आइए, ऑक्सीजन मिल जाएगी। इसी तरह कृष्णा हास्पिटल में नोडल अधिकारी उमेश के नंबर पर कॉल की गई तो उन्होंने एक नंबर मैसेज किया। इसके बाद नोडल अधिकारी मसूद खान को फोन करने पर उन्होंने कहा कि उनकी ड्यूटी खत्म हो चुकी है। बेड की स्थिति हर वक्त बदलती है, इसलिए इस समय वह कुछ नहीं बता सकते। खैर उन्होंने नोडल अधिकारी शिव शंकर का नंबर दिया। उनके नंबर पर बात की तो बताया गया कि सामान्य बेड खाली हैं। उसमें भी ऑक्सीजन मिल जाएगी, पर आइसीयू और वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने अस्पताल का नंबर दिया। उस पर बात की तो मरीज को लेकर आने को कहा गया। वन्यजीवों की हर गतिविधि पर चिकित्सकों की पैनी नजर, कानपुर : कोरोना महामारी की दूसरी और घातक लहर अब इंसानों के साथ ही वन्यजीवों को भी संक्रमित कर रही है। एक ओर हैदराबाद में जहां आठ शेरों में कोरोना का संक्रमण हुआ तो वहीं इटावा स्थित लायन सफारी में शेरनी संक्रमित हो गई। इन स्थितियों को देखते हुए चिड़ियाघर में तेंदुआ, शेरों समेत अन्य वन्यजीवों पर चिकित्सक पैनी नजर रखे हुए हैं। सीसीटीवी से अधिकतर वन्यजीवों के स्वभाव, व्यवहार व उनके खानपान पर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। हर दो घंटे में चिकित्सक व प्रशासनिक अफसर उनके लक्षणों को भी देख रहे हैं। सहायक निदेशक प्राणि उद्यान एके सिंह ने बताया कि सभी वन्यजीव पूरी तरह स्वस्थ हैं।

सैंपलिंग कराने पर वन्यजीव को हो सकती है दिक्कत : सहायक निदेशक एके सिंह ने कहा, कि अगर किसी वन्यजीव के बिना लक्षणों पर ही हम सैंपलिग करेंगे तो उसे दिक्कत हो सकती है। इसलिए फिलहाल सैंपलिग नहीं कराई जा रही है। अगर जरूरत लगेगी तो सैंपल लिए जाएंगे।

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