कानपुर, जेएनएन। दशहरे के लिए रावण के पुतलों का बाजार सज गया है। रंग बिरंगे, बड़ी-बड़ी आंखें, दस सिर, कोई मोटा तो कोई बाडी बिल्डर, किसी का आकर दो फुट तो कोई 30 फुट लंबा। शहर में गोल चौराहे से आगे जीटी रोड किनारे और साकेत नगर में दशानन के पुतले बिक्री के लिए तैयार हैं। यहां दो फिट से लेकर 30 फीट ऊंचे पुतले हैं। इससे अधिक बड़े आकार का पुतला सिर्फ आर्डर पर तैयार किया जा रहा है। सबसे अधिक मांग 10 से 15 फुट के लंकापति के कृत्रिम रूप की है। इसे मोहल्ले वाले खरीदकर ले जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल जहां बाजार कमजोर रहा, वहीं इस वर्ष मांग काफी ज्यादा है। कानपुर के विभिन्न मोहल्लों के साथ हमीरपुर, कानपुर देहात, उन्नाव से भी लंकेश के पुतले खरीदने लोग आ रहे हैं।

Case-1: पापा देखो कितने सारे रावण हैं। इसकी नाक और मूंछ कितनी लंबी है। कान भी बड़े बड़े हैं। सिर पर मुकुट रखा हुआ है। अरे यह छोटा वाला कितना प्यारा है। इसको ले लो, प्लीज। मम्मी मेरे और दीदी के लिए खरीद लो। ओमपुरवा का छह साल का कार्तिक अपने माता पिता से छोटे रावण को खरीदने की रट लगाए रहा। पिता सत्येंद्र गुप्ता ने छोटू रावण के पुतले के रेट पूछे। दुकानदार ने 200 रुपये बताए। कुछ मोलभाव हुआ और कार्तिक पुतले को घर ले गया।

Case-2 : सिंहपुर निवासी मोनू काली माता मंदिर परिसर में दशहरा के आयोजन के लिए पुतला खरीदने आए। आठ, दस और बारह फुट के पुतलों को देखा। उनके दाम पूछे। एक के बाद एक करके कई दुकानें खंगाली। जो पुतला उन्हें पसंद आया, वह कुछ महंगा था। कुछ और रावण के पुतलों को परखने के बाद आठ फुट का पुतला भा गया। आठ हजार रुपये में सौदा तय हुआ। वह अपने साथ लोडर लेकर आए थे। उसी में लादकर रावण के पुतले को ले गए।

दिन रात पुतले किए जा रहे तैयार

जीटी रोड किनारे के दुकानदार विकास कुमार ने बताया कि दिन रात पुतले तैयार किए जा रहे हैं। इस कार्य में पूरा घर लगा हुआ है। उनके यहां 21 फुट का रावण का पुतला 3500 और 30 फुट का छह हजार रुपये में है। डेढ़ से दो फुट का पुतला 200 रुपये का है। इसकी बच्चों के लिए काफी मांग है। दुकानदार बबलू ने बताया कि नौ फुट का पुतला 1600 रुपये और चार फुट का 600 रुपये का है।

धोती-कुर्ता पहने हुए रावण का पुतला

कारीगर शंकर ने बताया कि उसके यहां डिजाइनर पुतले तैयार किए जा रहे हैं। धोती, कुर्ता और पैरों में नागरा स्टाइल की जूते पहने पुतले की सबसे अधिक मांग है। कुछ लोग अपने तरीके के पुतले बनवा रहे हैं। इसमें बाडी बिल्डर पुतले शामिल हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri