कानपुर, जेएनएन। कानपुर व आसपास के जिलों में बीते दो दिनों में छिटपुट बारिश के आसमान में छाए बादल अचानक छट गए हैं और गर्मी का स्तर भी बढ़ गया है। अभी तक जो बारिश के आसार बन रहे थे, उसे शुष्क हवाओं ने रोक दिया है। मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी से निम्न दबाव वाली हवाएं मैदानी क्षेत्रों की ओर आ रही हैं, जिससे सितंबर के पहले सप्ताह के अंत तक बारिश की संभावना बन सकती है। हवाओं की गति तेज होने के साथ बारिश हो सकती है। फिलहाल मानसूनी टर्फ लाइन मध्य प्रदेश की ओर खिसक गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से निम्न दबाव का क्षेत्र ओडिशा से होते हुए मैदानी क्षेत्रों की ओर बन रहा है और नमी युक्त हवा भी आने लगी हैं। दूसरी ओर अरब सागर से अरब देशों की ओर से होते हुए शुष्क हवा बारिश कराने वाली हवा का रास्ता रोक रही हैं। टर्फ रेखा भी मध्य प्रदेश के नीचे बनी हुई है। मौसमी सिस्टम वर्षा को कमजोर कर रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया की मौसमी सिस्टम के दो से तीन दिन में सक्रिय होने की संभावना है। हवा सामान्य से काफी तेज चलेगी। अधिकतम तापमान 33.0, न्यूनतम 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। हवा 8.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। अधिकतम आर्द्रता 87 फीसद रही। कम दबाव का क्षेत्र अब मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश पर बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि मानसून की टर्फ रेखा भुज, बड़ौदा, पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से गुजर रही है। अपतटीय ट्रफ रेखा कर्नाटक से केरल तक फैली हुई है। अगले 24 घंटे के दौरान कोंकण और गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण पूर्व राजस्थान, मध्य प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी भाग, विदर्भ, मराठवाड़ा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, बिहार, कोंकण और गोवा, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में एक या दो स्थानों पर मध्यम बारिश के आसार हैं। राजस्थान के पश्चिमी हिस्से, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में हल्की बारिश संभव है।

Edited By: Abhishek Agnihotri