कानपुर, जेएनएन। अब दिल के रोगी बच्चों का जटिल से जटिल ऑपरेशन भी हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में निश्शुल्क होगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत उनके इलाज का पूरा खर्च संस्थान उठाएगा। इस योजना का उद्देश्य सुदूर गांवों में हृदय रोग पीडि़त गरीब बच्चों की जिंदगी बचाना है। इसके लिए सीएचसी या पीएचसी में पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद वहां के डॉक्टर हृदय रोग संस्थान के लिए रेफर कर देंगे। योजना के प्रचार प्रसार के लिए सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र के हर गांव तक ये जानकारी पहुंचाएं। कोई पीडि़त बच्चा मिलने पर उसे तत्काल कार्डियोलॉजी भेजें।

आरबीएसके का पहला ऑपरेशन

संस्थान में आरबीएसके के अंतर्गत पहला ऑपरेशन हो गया है। कानपुर के रहने वाले 11 वर्षीय बच्चे के दिल में बचपन से छेद था। उसे सांस लेने में तकलीफ और सीने में लगातार दर्द था। उसके माता पिता ने कई जगह इलाज कराया पर कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर में कार्डियोलॉजी में जांच हुई तो समस्या का पता चला। बच्चे का पंजीकरण कल्याणपुर की सीएचसी में हुआ, वहां के डॉक्टरों ने रेफर किया। रविवार को कार्डियक सर्जन डॉ. नीरज कुमार की ओपीडी में दिखाया गया। बुधवार को उसका ऑपरेशन हुआ।

तीन घंटे में हुआ ऑपरेशन

डॉ. नीरज कुमार, डॉ. जोगिंदर सिंह की टीम ने तीन घंटे में बच्चे का सफल ऑपरेशन किया। बच्चे को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में सीवीटीएस रूम में रखा गया है।

स्कूलों से चिह्नित किए जा रहे छात्र

हृदय रोग संस्थान में आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के मुताबिक स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में डॉक्टर, समाजसेवी संस्थाओं की टीमें बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करती हैं। वहीं से छात्रों को चिह्नित किया जाता है। सीएमओ कार्यालय से पत्र जारी होता है।  

Posted By: Abhishek

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