कानपुर, जेएनएन। यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड परीक्षा बेहद पारदर्शी होंगी, साथ ही 12वीं की 14 दिन और दसवीं की परीक्षाएं 12 दिनों में समाप्त हो जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए भी रोजगारपरक पाठ््यक्रम संचालित किए जाने की बात कही है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में मंगलवार को आए डिप्टी सीएम पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के रुख को लेकर एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि पाक केवल ऐसे ही युद्ध की बात कहता रहेगा लेकिन वह युद्ध कर नहीं सकता है। उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 में केंद्रों की संख्या वर्ष 2019 से कम होगी। इसके साथ ही 12वीं की परीक्षाएं 14 दिनों और 10वीं की परीक्षाएं 12 दिनों में संपन्न कराई जाएंगी। सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए केंद्रीयकृत व्यवस्था होगी। उच्च शिक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं कर लिए विभाग जल्द रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू कराया जाएगा।

विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिभा सम्मान समारोह में उपमुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मनित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में बनने वाले परीक्षा भवन का उद्घाटन किया। इसमें एक साथ 500 से 1000 परीक्षार्थी बैठ सकेंगे। उनके आगमन पर गंगा बैराज पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम का स्वागत भी किया।

मेधावियों को 15 माह तक दस हजार देगी सरकार

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मेधा शक्ति बढ़ाने के लिए कार्ययोजना संचालित की है। लखनऊ मंडल से इस कार्ययोजना की शुरुआत कर दी गई है, इसमें यूपी बोर्ड में साइंस में 76 प्रतिशत और दिल्ली बोर्ड में 80 फीसद अंक पाने वाले मेधावी छात्रों को पंद्रह महीने तक दस हजार रुपये मिलेगा। इसके बाद उन्हें दो लाख बीस हजार रुपये का पैकेज मिलेगा, उन्हें एमएससी, एमटेक या कंप्यूटर साइंस में तय कोर्स शेडयूल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें आधी फीस देनी होगी। डिग्रीधारक नौजवान बेरोजगार न रहे, इसके लिए सरकार काम कर रही है। इस सरकार ने वो भी किया है, जो नहीं भी कहा था। 

Posted By: Abhishek

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