कानपुर, जेएनएन। जिले में डेंगू और वायरल बुखार का कहर थम नहीं रहा है। लगातार संक्रमित मिल रहे हैं और मौतें भी हो रही हैं। रविवार को कुरसौली में बुखार से उबरने के बाद बुजुर्ग ने भी दम तोड़ दिया, वह कई दिनों से आक्सीजन पर थे। कुरसौली में अब तक 14 ग्रामीण दम तोड़ चुके हैं। बिल्हौर के मकनपुर गांव में 28 वर्षीय युवक ने शनिवार देर रात दम तोड़ दिया। वहीं, छह में डेंगू की पुष्टि हुई है। उधर, स्वास्थ्य महकमे के अफसर आंकड़ेबाजी में जुटे हैं। जिले के हुक्मरान भी महकमे के अफसरों की आंकड़ेबाजी में उलझ कर रह गए हैं।

कुरसौली निवासी चंद्रशेखर तिवारी को बुखार आने पर 10 दिन तक जीटी नर्सिंग होम में आइसीयू में भर्ती रहे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस पर उनके स्वजन घर ले आए, घर पर आक्सीजन पर ही थे। उनके अलावा पत्नी निर्मला तिवारी एवं बहू क्षमा तिवारी बुखार की चपेट में आ गईं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डेंगू की पुष्टि हुई थी। इलाज के दौरान 10 सितंबर को बहू क्षमा और उनकी पत्नी निर्मला तिवारी की 15 सितंबर को मौत हो गई थी। इसके अलावा गांव में 11 और मौतें हुईं हैं। बिल्हौर के मकनपुर गांव भागमलपुरवा मोहल्ला निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उसके 28 वर्षीय भाई रजत कुमार पुत्र देशराज राजपूत को तीन दिन से बुखार था। पहले मकनपुर में ही दवा ली, आराम नहीं मिलने पर शनिवार को कानपुर के नर्सिंग होम भर्ती कराया, जहां देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। गांव में कई ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। सीएचसी अधीक्षक डा. अरविंद भूषण का कहना है कि सोमवार को गांव में मेडिकल टीम भेजेंगे। वहीं, सीएमओ डा. नैपाल सिंह के मुताबिक अबतक एक भी मौत नहीं हुई है।

ग्रामीण अंचल में डेंगू के 217 मरीज: सीएमओ कार्यालय से रविवार को जारी आंकड़े से छह और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 273 हो गई है, उसमें ग्रामीण अंचल के 217 और शहरी क्षेत्र के 56 हैं। महकमे की कवायदों के बाद भी लगातार केस बढ़ रहे हैं। एक मरीज शहर के रानीघाट का है, जबकि बिल्हौर के बकोठी में चार और पतारा के सिरोह में एक मरीज मिला है। 

Edited By: Shaswat Gupta