जागरण संवाददाता, कानपुर : जाजमऊ के बीमा अस्पताल में पानी की टंकी पर चढ़कर वह मजदूर आत्महत्या पर आमादा था। छलांग लगाने की कोशिश की ही थी कि एक देवदूत ने थाम कर जिंदगी को मौत में बदलने से बचा लिया। मजदूर मरने पर इस कदर उतारू था कि जान बचा रहे सिपाही के हाथ में दांत से काट उसको धक्का देकर गिराने की कोशिश की लेकिन, उसने हिम्मत नहीं हारी। मजदूर को सुरक्षित नीचे उतार कर लाया।

सोमवार को चकेरी के ठेकेदार प्रदीप जाजमऊ क्षेत्र में सीवर लाइन सफाई का काम करवा रहे थे। काम कर रहे मजदूरों में पश्चिम बंगाल के मालदा जिला निवासी उत्तम (30) दोपहर करीब दो बजे बीमा अस्पताल में पानी की टंकी पर चढ़ गया और चिल्लाने लगा कि मैं कूद जाऊंगा। आसपास के लोगों की सूचना पर कुछ देर में ही जाजमऊ चौकी की पुलिस पहुंच गई। भीड़ जुट गई। लोग उत्तम से उतरने की अपील करते तो वह टंकी के टूटे प्लास्टर के टुकड़े लोगों के ऊपर फेंकने लगता। इस बीच चौकी के सिपाही सुधीर कुमार चुपचाप सीढ़ी से ऊपर चढ़ गए। इस बीच लोग उत्तम को बातचीत कर उलझाए रहे। सिपाही जैसे ही करीब पहुंचा तो उत्तम कूदने की कोशिश करने लगा लेकिन, सुधीर ने हाथ पकड़कर उसे खींच लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उत्तम इस दौरान सुधीर से भिड़ गया और उसे धक्का देने लगा। हाथ में दांत से काटा लेकिन, सुधीर ने उसे नहीं छोड़ा। इस बीच चौकी इंचार्ज विनोद ¨सह व अन्य सिपाही टंकी पर चढ़े और उत्तम के हाथ पैर बांधकर उसे उतारकर लाए। रास्ते में उत्तम ने दूसरे सिपाही मंजेश के हाथ में भी काटा। नीचे लाकर दारोगा ने पूछताछ की तो वह रोने लगा। उत्तम के साथियों ने बताया कि दो साल पहले उत्तम की मानसिक बीमारी का इलाज हुआ था। उन्होंने फिर से बीमारी बढ़ने की आशंका जताई। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मजदूर के परिजन को सूचना देकर उसे घर भेजा जा रहा है।

Posted By: Jagran

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