कानपुर में महिलाओं को वित्तीय साक्षरता के गुर, बचत और निवेश से बनेगा सुरक्षित भविष्य
दैनिक जागरण और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने कानपुर में 'आर्थिक सक्षम नारी, सदा सशक्त नारी' अभियान के ...और पढ़ें

कौशलपुरी स्थित द जाफरान रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट में दैनिक जागरण और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड द्वारा आयोजित आर्थिक सक्षम नारी सदा सशक्त नारी निवेशक जागरूकता कार्यक्रम में सम्मानित हुई महिलाएं । जागरण
HighLights
दैनिक जागरण और आदित्य बिड़ला ने वित्तीय साक्षरता कार्यशाला आयोजित की
महिलाओं को बचत, निवेश और वित्तीय प्रबंधन के गुर सिखाए गए
आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी
जागरण संवाददाता, कानपुर। बचत और निवेश की आदत अगर बन गई तो भविष्य का सुरक्षित होना तय है। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार और समाज की मजबूत नींव होती हैं। दैनिक जागरण एवं आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के संयुक्त तत्वावधान में ''आर्थिक सक्षम नारी, सदा सशक्त नारी'' अभियान के तहत आयोजित वित्तीय साक्षरता कार्यशाला में विशेषज्ञों ने यह बात कही। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को बचत, निवेश, वित्तीय प्रबंधन और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए।
कोकाकाेला चाैराहा के पास स्थित जाफरान रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कर रहे आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड (रिटेल सेल्स, नार्थ) के जोनल हेड धीरेंद्र पाठक ने कहा कि महिलाएं घर का बजट संभालने में हमेशा आगे रहती हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि वे निवेश के फैसलों में भी मुख्य भूमिका निभाएं।
आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड (इन्वेस्टर एजुकेशन - नार्थ) के जोनल मैनेजर ललित शर्मा ने कहा कि महिलाएं वित्तीय प्रबंधन में पुरुषों से बेहतर समझ रखती हैं, फिर भी औपचारिक वित्तीय साक्षरता में पीछे रह जाती हैं। उन्होंने व्यवस्थित निवेश योजना (एसआइपी) और म्यूचुअल फंड में निवेश के फायदे बताते हुए कहा कि छोटी-छोटी नियमित बचत से लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
शिक्षा जगत से जुड़ीं सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल की वाइस प्रिंसिपल मधुश्री भौमिक ने कहा कि वित्तीय साक्षरता की शुरुआत कम उम्र से ही होनी चाहिए। जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और वित्तीय फैसलों में सक्षम होंगी, तभी वे अगली पीढ़ी को भी सही दिशा दे सकेंगी।
उद्योग विभाग की अधिकारी रश्मि द्विवेदी ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं और वित्तीय प्रोत्साहन नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार और उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं।
उद्यमी एवं सोशल-इम्पैक्ट लीडर आरती दीक्षित ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महिलाओं का आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। जोखिम प्रबंधन और सही जगह निवेश करने से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव आता है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें उपस्थित महिलाओं की वित्तीय व निवेश संबंधी शंकाओं का विशेषज्ञों ने समाधान किया। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला अचीवर्स को सम्मानित भी किया गया।
