कानपुर, जेएनएन। भागदौड़ भरी ङ्क्षजदगी में निराशा और अवसाद की गिरफ्त में आना आम बात है। इससे बचने के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में ऐसे छात्र व छात्राओं को तैयार किया जाएगा जो हैपीनेस का पाठ पढ़कर तनाव से मुरझाए चेहरों पर मुस्कान बिखेरेंगे। सत्र 2020-21 से ही विश्वविद्यालय में हैपीनेस का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होने जा रहा है। इस कोर्स के लिए विश्वविद्यालय में ऑडियो-विजुअल लैब बनाई जा रही है। यह कोर्स आम व्यक्तियों के अलावा ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है जो परीक्षा के तनाव में अवसाद से घिर जाते हैं। कोर्स संचालित होने के साल भर बाद विश्वविद्यालय में हैपीनेस केंद्र खोले जाने की तैयारी भी है।

अभी 30 सीटों पर दिया जाएगा दाखिला

यूनिवर्सिटी इंस्टीट््यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज के समन्वयक डॉ. प्रवीण कटियार ने बताया कि शुरुआत में हैपीनेस कोर्स की 30 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। कक्षाएं शनिवार और रविवार को संचालित होंगी। बीए, बीएससी, बीकॉम, बीटेक, बीबीए और बीसीए समेत अन्य कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राएं भी इसमें दाखिला ले सकेंगे। प्रवेश लेने की शैक्षिक योग्यता 45 फीसद अंकों के साथ 12वीं पास रखी गई है। एससी-एसटी के अभ्यर्थियों के लिए अंकों की न्यूनतम योग्यता 40 फीसद रहेगी। तीन माह के इस कोर्स में अबाउट हैपीनेस, एक्सपीरियसिंग हैपीनेस इन रिलेशनशिप, साइंस ऑफ हैपीनेस और वैल्यूज एंड हैपीनेस, चार विषयों को शामिल किया गया है। इसमें प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं 17 अगस्त तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

योग की ऑनलाइन कक्षाएं लगेंगी

सीएसजेएमयू अब कला, विज्ञान, तकनीकी और प्रबंधन का पाठ पढ़ाने के साथ योग प्रशिक्षक भी तैयार करेगा। इस वर्ष से यहां पर ऑनलाइन अनुदेशक कोर्स चलाए जाने की योजना है। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बताया कि 12वीं पास छात्र छात्राओं के लिए इस कोर्स का खाका तैयार किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान बेंगलुरु के साथ मिलकर यह कोर्स संचालित किया जाएगा। संस्थान के योग गुरु प्रशिक्षण देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु व स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान के कुलपति पद्मश्री डॉ. एचआर नागेंद्र के सहयोग से योग शिक्षकों के व्याख्यान होंगे।  

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