कानपुर, जेएनएन। एमकॉम के छात्र अब बाजार, कंपनी, उत्पाद व उत्पादकता के वही पुराने नियम व परिभाषाएं नहीं पढ़ेंगे जो देश-दुनिया से बाहर हो चुके हैं। बाजार की जरूरत के हिसाब से नए नियम व काम के तरीकों से उन्हें अवगत कराया जाएगा। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने 15 साल बाद एमकॉम के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। नए सत्र से छात्र आठ की बजाय पांच विषयों की पढ़ाई करेंगे। उन विषयों को पाठ्यक्रम से हटा दिया है जो बीकॉम में पढ़े जा चुके होते थे।

स्टेटेजिक मैनेजमेंट व ऑपरेशन रिसर्च को किया शामिल

सीएसजेएमयू के डीन कॉमर्स व डीएवी डिग्री कॉलेज के कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत कुमार बाजपेयी ने बताया कि एमकॉम प्रथम वर्ष में स्टेटेजिक मैनेजमेंट व द्वितीय वर्ष में ऑपरेशन रिसर्च के नए विषय जोड़े गए हैं। ऑपरेशन रिसर्च में उत्पाद की क्रियाओं का प्रबंधन सिखाया जाता है। छात्र यह सीखेंगे कि कम लागत में उत्पाद कैसे तैयार करें। स्टेटेजिक मैनेजमेंट में छात्र यह पढ़ेंगे कि उत्पाद का बाजार किस तरह से बनाएं। इसमें उत्पाद के प्रबंधन की रणनीति सिखाई जाएगी।

कंपनी एक्ट 2013 की होगी पढ़ाई

पहले एमकॉम के छात्र कंपनी एक्ट 1956 पढ़ा करते थे, जबकि अब कंपनी एक्ट 2013 की पढ़ाई करेंगे। फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट की बजाय फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट पढ़ाया जाएगा। एमकॉम अंतिम वर्ष में कॉरपोरेट टैक्स प्लानिंग एंड मैनेजमेंट व ऑपरेशन रिसर्च अनिवार्य प्रश्नपत्र हैं। फाइनेंस व मार्केटिंग यह दो वैकल्पिक गु्रप हैं। इन दोनों में दो-दो प्रश्नपत्र होंगे।

एमकॉम प्रथम वर्ष में ये होंगे विषय

  • मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट्स एंड ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर
  • मैनेजीरियल इकोनॉमिक्स
  • स्टेटिस्टिकल एनालिसिस
  • एकाउंटिंग फॉर मैनेजीरियल डिसीजन
  • स्टेटेजिक मैनेजमेंट

एमकॉम अंतिम वर्ष के विषय

  • कॉरपोरेट टैक्स प्लानिंग एंड मैनेजमेंट
  • ऑपरेशन रिसर्च
  • फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स एंड मार्केट (वैकल्पिक)
  • सिक्योरिटी एनालिसिस एंड पोर्टफोलिया मैनेजमेंट
  • एडवरटाइजिंग एंड सेल्स मैनेजमेंट
  • मार्केटिंग रिसर्च (वैकल्पिक)
  • वायवा अनिवार्य

Posted By: Abhishek

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