कानपुर, जेएनएन। जीवन में संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच के बूते जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ा जा सकता है। संक्रमण के खिलाफ चल रही जंग में कुछ ऐसा ही उदाहरण 50 वर्षीय अरुण चौधरी ने पेश किया। कोविड वार्ड में होने के बावजूद भी उन्होंने हौसला कायम रखा और कोरोना से जंग जीतकर घर वापसी की।

स्वरूप नगर निवासी अरुण चौधरी पिछले संक्रमण के घेरे में आ गए थे। हैलट के कोविड वार्ड में आठ दिनों तक रहने वाले अरुण बतातें हैं कि संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच को बनाएं रखा। कोविड का डर मन में नहीं पनपने दिया और आयुर्वेदिक तथा योग के सहारे स्थिति को सुधारता रहा। उन्होंने बताया कि स्वजन और दोस्तों संग बातचीत कर पुरानी यादों को ताजा किया।

कोविड के बारे में किसी भी प्रकार की बात नहीं की। इसके साथ ही सकारात्मक संदेशों वाले धर्माचार्य के वीडियो देखकर मन को शांत रखा। ऑक्सीजन स्तर गिरने की स्थिति में भी मन को भयभीत नहीं होने दिया। डॉक्टरों की सलाह को मानते हुए साधारण भोजन और मानसिक तनाव लिए बिना वार्ड में संक्रमण के दिनों को पूरा कर स्वस्थ होकर घर लौटा।

तनाव मुक्त रहना ही कोविड से जीत

अरुण बतातें हैं कि संक्रमण के दौर में आएं दिन हो रही मौतों के कारण ज्यादातर लोगों के मन कोविड का भय बन रहा है। जिसके कारण वे ज्यादातर समय उसी के बारे में सोचते रहते हैं। ऐसी स्थिति में शरीर व मन दोनों ही अस्वस्थ्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि शहर में सैकड़ों लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने घर पर ही रखकर कोविड की जंग में जीत हासिल की। इसे मन पर हावी न होने दें और सरकार की गाइड लाइन का पालन करते रहे।

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