कानपुर, जेएनएन। कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे से ऑक्सीजन की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है। हैलट में ऑक्सीजन का स्टॉक सीमित रह गया है। हैलट अस्पताल में शनिवार की रात को कोविड के संभावित संक्रमितों के लिए सभी छोटे सिलिंडर लगा दिए गए। जितने सिलिंडर खाली हो रहे हैं, उसके बदले में कंपनी से मांग की जा रही है।

शाम के समय 30 छोटे सिलिंडर आ गए। इन्हें इमरजेंसी, वार्ड नंबर सात, 10, 11, 12, 14 के होल्डिंग एरिया में रोगियों को लगाया गया है। अस्पताल में 250 से अधिक छोटे सिलिंडर हैं, जिन्हें वार्ड और होल्डिंग एरिया में इस्तेमाल किया जा रहा है। होल्डिंग एरिया और आइसोलेशन वार्ड में उन मरीजों को भर्ती किया गया है, जिनकी आरटीपीसीआर और ट्रूनॉट की रिपोर्ट नहीं आई है। इनमें से 80 फीसद ऑक्सीजन पर हैं। ऑक्सीजन की समस्या पर दो से तीन रोगियों को एक ही सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है।

एलएमओ का ट्रक आने पर मिली राहत

न्यूरो साइंस कोविड अस्पताल, बाल रोग व जच्चा बच्चा अस्पताल, इमरजेंसी व आइसीयू के पास लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) के तीन प्लांट लगे हैं। यहां प्रत्येक तीसरे दिन पर ट्रक ऑक्सीजन की सप्लाई करता है। शुक्रवार की रात को या फिर शनिवार सुबह तक ट्रक को आ जाना चाहिए था, लेकिन उसे देर हो गई। हरदोई के पास एलएमओ का ट्रक जाम में फंस गया। इधर ट्रक के न आने पर अधिकारी परेशान हो गए। आनन फानन में स्टॉक में रखे जंबो सिलिंडर निकलवाए गए। शाम सात बजे एलएमओ के सिलिंडर आ गए। प्रमुख अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि ऑक्सीजन की समस्या पर हमीरपुर से एक हजार सिलिंडर मंगवाए गए हैं।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप