कानपुर, जेएनएन। जिले में कोरोना संक्रमण से लोगों की मौतों को रोकने के लिए जिलाधिकारी और सीएमओ हर जतन कर रहे हैं। एक कोविड हास्पिटल में दो दिन के अंदर पांच मौतें होने पर डीएम को जांच में एनस्थेटिक्स नहीं मिले। स्टैटिक मजिस्ट्रेट ने तीन दिन से एनस्थेटिक्स नहीं आने की जानकारी दी तो डीएम ने सीएमओ को तत्काल प्रभाव से कोविड हॉस्पिटल का दर्जा समाप्त करने का आदेश दिया।

जिले में कोरोना संक्रमण से अबतक 543 मौतें हो चुकी हैं। कोरोना से लगातार मौतें होने पर डीएम और सीएमओ सरकारी व निजी कोविड अस्पतालों का जायजा ले रहे हैं। स्वरूप नगर स्थित एक हॉस्पिटल में पांच मौतें होने पर हकीकत जानने डीएम और सीएमओ पहुंचे तो एनस्थेटिक्स नहीं मिले। सीएमओ ने एनस्थेटिक्स से मोबाइल फोन पर बात की तो उन्होंने दूसरे अस्पताल जाने की जानकारी दी। सीएमओ ने अस्पताल प्रशासन से पूछा तो जानकारी हुई कि वह शाम को आते हैं। सीएमओ डॉ अनिल मिश्रा ने कहा कि कोई भी डॉक्टर 16-20 घंटे ड्यूटी नहीं कर सकता है। बिना आइसीयू कोविड हॉस्पिटल नहीं चलाए जाएं, ऐसा शासन का आदेश है। इसलिए ऐसे अस्पतालों की कोविड मान्यता खत्म कर दी है।

डीएम आलोक तिवारी ने बताया कि बगैर एनस्थेटिक्स कोविड आइसीयू चलाना गंभीर लापरवाही है। स्टैटिक मजिस्ट्रेट ने बताया है कि संबंधित अस्पताल में तीन दिन से एनेस्थेटिक्स आ ही नहीं रहे थे, इसकी जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल में कोविड से मरने वालों के स्वजनों से एसीएम वार्ता करके जांच रिपोर्ट देंगे। स्वजनों को आपत्ति होने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

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