जागरण संवाददाता, कानपुर: रेलवे टिकट का अवैध कारोबार करने वाले दो एजेंटों को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से भारी मात्रा में टिकट बरामद हुए हैं। इनमें से एक सेंट्रल स्टेशन पर काम करने वाला कुली है, इसकी देखरेख में ही यह गिरोह काम करता था।

सेंट्रल रेलवे स्टेशन के रेलवे सुरक्षा बल और अपराध सूचना शाखा की टीम ने शुक्रवार को छबीले पुरवा स्थित चिश्ती टूर एंड ट्रेवल्स पर छापा मारा। टीम को मौके पर खपरा मोहाल, रेल बाजार निवासी पचास वर्षीय अब्दुल करीम और छबीले पुरवा निवासी 36 वर्षीय मोहम्मद रफी मिले। पूछताछ के बाद टिकटों की काला बाजारी के आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दुकान की तलाशी ली गई तो मौके से 1.07 लाख रुपये मूल्य के 102 आरक्षित टिकट, 51 हजार रुपये के 41 रद टिकट, 13 हजार रुपये मूल्य के 8 ई-टिकट, 16 हजार रुपये के 8 तत्काल टिकट बरामद हुए। साथ ही विभिन्न यूजर आइडी से पूर्व में बने 6.30 लाख रुपये के टिकट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर और 3 मोबाइल जब्त किए गए। दोनों के पास से 35 हजार रुपये से अधिक नगदी भी मिली। आरपीएफ प्रभारी राजीव वर्मा ने बताया कि अब्दुल करीम सेंट्रल स्टेशन पर कुली है। कुली के नाम पर वह टिकटों की कालाबाजारी करता था। टीम में उपनिरीक्षक डीपी व सीआइबी के राम सजीवन आदि शामिल थे।

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ऐसे काम करता है गिरोह

कुली अब्दुल करीम भटक रहे यात्रियों से बातचीत करता था। वह यात्रियों को पूर्व में आरक्षित की हुई टिकट देता और इसके बदले मनमाफिक पैसा वसूलता। ट्रेन के अंदर टीटीई से कोई दिक्कत न हो, इसलिए टीटीई को भी उसका हिस्सा तत्काल दे दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक अब्दुल के संपर्क में ऐसे करीब दर्जन भर टीटीई हैं। यह टीटीई भी जांच के दायरे में हैं।

By Jagran