कानपुर (जेएनएन)। माघ मेले के दौरान श्रद्धालु स्वच्छ गंगाजल में स्नान कर सकें, इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसरों ने कमर कस ली है। स्नान पर्व के दौरान गंगा में टेनरियों का पानी जाने से रोकने को निगरानी के लिए विभाग और जिला प्रशासन के अफसरों की आठ टीमें गठित की जाएंगी।
विभागीय अफसरों का कहना है कि सभी संचालकों से वार्ता के बाद इस बाबत पत्र जारी किया जा चुका है कि जिस दिन स्नान पर्व होगा, उसके दो दिन पहले ही यानि कुल तीन दिन तक टेनरियों का संचालन बंद रहे। इसका मकसद यह है कि अगर टेनरी से निकलने वाला दूषित पानी गंगा में जा रहा है, तो वह स्नान पर्व के दौरान बिल्कुल न मिल सके। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. मोहम्मद सिकंदर ने बताया शहर में करीब 400 टेनरियां हैं।

इनसे संबंधित जो एसोसिएशन के पदाधिकारी हैं, उनसे माघ मेले के स्नान पर्व को लेकर बात हो गई है। तीन दिन तक टेनरियों का संचालन बंद रखने की बात कही गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र डीएम के समक्ष बैठक होगी जिसमें विभागीय अफसर और टेनरी एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। उसी समय जिलाधिकारी ही टीमों का गठन करेंगे। टीम के सदस्य स्नान पर्व के दौरान जाजमऊ व आसपास वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर टेनरी की गतिविधियों को देखेंगे। अगर कहीं नियमों का उल्लंघन होते दिखा तो विभाग नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
इन तिथियों पर स्नान पर्व:
विभाग ने जो खाका अभी तैयार किया है। उसके मुताबिक जिन तिथियों (प्रस्तावित) पर स्नान पर्व होंगे। उनकी जानकारी इस तरह दी गयी है।
पर्व तिथि
पौष पूर्णिमा 12 जनवरी
मकर संक्रांति 14 जनवरी
मौनी अमावस्या 27 जनवरी
बसंत पंचमी एक फरवरी
माघी पूर्णिमा 10 फरवरी
महाशिवरात्रि 24 फरवरी

यह भी पढ़ें- आज काशी में केजरीवाल नोटबंदी पर उठाएंगे सवाल

यह भी पढ़ें- हाईकोर्ट में सुनवाईः नरेंद्र मोदी को नहीं पता थी अपनी पत्नी की संपत्ति

यह भी पढ़ें- नकदी संकट : कड़ाके की ठंड में भी सुबह से बैंकों के बाहर जमा हो गये लोग

यह भी पढ़ें- यूपी में आफत का कोहरा, गलन भी बढ़ी, धूप गायब, ठंड से दो मरे

यह भी पढ़ें- नोटबंदीः किसी ने बैंक खाते में डाल दिए 57 लाख रुपए, तहरीर

यूपी चुनाव की तैयारी में भाजपा, बड़े चेहरों के साथ रवाना हुए 200 परिवर्तन संदेश रथ

Edited By: Ashish Mishra