आपको भी मिल सकता है मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ, कानपुर में 1457 आवास के लिए पात्रों का इंतजार, ऐसे करें आवेदन
कानपुर में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1457 घर अभी भी पात्र लाभार्थियों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अप्रैल ...और पढ़ें

HighLights
कानपुर में 1457 आवास पात्रों का इंतजार कर रहे हैं
वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और जनजातीय लोग योजना के पात्र
आवेदन के लिए आधार, बैंक पासबुक, फोटो अनिवार्य हैं
अमन तिवारी, कानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना पर पूरा जोर होने के बीच जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। अप्रैल में मिले 1610 आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक सिर्फ 153 पात्रों का ही चयन हो सका है, जबकि 1457 आवास अभी भी पात्रों के इंतजार में हैं। ऐसे में जिन वृद्ध, विधवा और जनजाति वर्ग के जरूरतमंदों को अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है, उनके पास मुख्यमंत्री आवास पाने का मौका है। पात्रों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया तेज होने पर उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक की प्रति और पांच पासपोर्ट साइज फोटो जमा करना अनिवार्य होगा। अब जिम्मेदार अधिकारी पात्रों की तलाश और सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने का दावा कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब लक्ष्य अप्रैल में मिल चुका था और बजट भी उपलब्ध था, तब पांच महीने तक योजना पर अपेक्षित गति क्यों नहीं दिखाई गई। अब देखना होगा कि शेष 1457 आवासों का लक्ष्य समय पर पूरा हो पाता है या फिर मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना भी सरकारी उदासीनता की भेंट चढ़ जाती है।
पात्रता में इन जनजातियों को किया गया है शामिल
मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रता में ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा, कालाजार से प्रभावित, वनटागिया, मुहसर, कोल, सहरिया , थारू, पछइया, गढ़अयाश लोहार, चेरो, बैगा और नट बिरादर के लोग शामिल हैं।
ये भी होंगे पात्र
बेघर, कच्चा घर वाले, दैवीय आपदा से प्रभावित, विधवा महिला, दिव्यांग, कुष्ठ रोगी और जापानी इंसेफ्लाइटिस के रोगियों को भी सीएम आवास दिए जाने की व्यवस्था है।
ऐसे मिलती है धनराशि
सीएम आवास में 1.20 लाख रुपये पात्र को दिए जाने की व्यवस्था है। इसके तहत पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी किश्त में 70 हजार और तीसरी अंतिम किश्त में 10 हजार रुपये दिए जाते हैं।
90 दिन खुद काम करें तो मिलेगी मजदूरी
आवास के निर्माण में यदि लाभार्थी 90 दिनों तक खुद भी काम करता है तो उसे इन 90 दिनों के हिसाब प्रतिदिन की वीबीजीरामजी योजना के तहत मजदूरी का भी भुगतान किया जाएगा।
सीएम आवास योजना हमारी प्राथमिकता में है, इसके लिए सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। जैसे-जैसे मानक के तहत लाभार्थी हमें मिलते जाते हैं, योजना में उनका पंजीकरण होता जाता है। पिछले वर्षों के आवासों का 95 प्रतिशत से अधिक काम हमने पूरा कर लिया है। इस वर्ष के लक्ष्य के सापेक्ष भी पात्रता का सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। शीघ्र ही इस वर्ष के लक्ष्य के सापेक्ष आवासों का आवंटन किया जाएगा।
- आलोक सिंह, परियोजना निदेशक-डीआरडीए।
| वित्तीय वर्ष | लक्ष्य / पूर्ण आवास |
|---|---|
| 2021-22 | 30 / 30 |
| 2022-23 | 225 / 224 |
| 2023-24 | 980 / 868 |
| 2024-25 | 1663 / 1616 |
| 2025-26 | 216 / 207 |
| 2026-27 | 1610 / 0 |
| कुल योग | 4724 / 2945 |
