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जानें क्या है डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम? ग्राहक की निजी जानकारी अपने पास नहीं रख सकेंगे सीए

Published: Tue, 11 Aug 2026 07:50 PM (IST)

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम के तहत अब सीए अपने ग्राहकों का निजी डेटा काम खत्म होने के बाद ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सीए को अब ग्राहकों का डेटा काम खत्म होने पर हटाना होगा

  2. DPDP अधिनियम के तहत डेटा का दुरुपयोग दंडनीय अपराध है

  3. कानपुर के 26 सीए ने डेटा सुरक्षा कोर्स पूरा किया

जागरण संवाददाता, कानपुर। सीए हों या टैक्स सलाहकार, अब अपने ग्राहकों से संबंधित डाटा हमेशा के लिए अपने पास सुरक्षत नहीं रख सकेंगे। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) अधिनियम में यह प्रविधान किए गए हैं कि व्यावसायिक संस्थान या ग्राहकों का निजी डाटा केवल तब तक ही अपने पास रखा जा सकता है, जब तक कि उनके किसी प्रोजेक्ट पर काम हो रहा हो।

अनावश्यक डाटा जमा करना अपराध के दायरे में आएगा। किसी एक काम के लिए ली गई जानकारी का इस्तेमाल दोबारा किसी अन्य उद्देश्य के लिए करना भी पूरी तरह से वर्जित रहेगा। डाटा लीक करने का दोषी मिलने पर 10 हजार रुपये से लेकर 250 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है।

डाटा निजता अनिवार्य कानूनी आवश्यकता बन गई है। नए नियमों के तहत अब किसी भी सीए या पेशेवर द्वारा सेवाओं के लिए केवल उतनी ही जानकारी ली जा सकेगी, जितनी नितांत आवश्यक हो। संस्थान या ग्राहक की जानकारी हमेशा के लिए अपने पास नहीं रखी जा सकती।

सेंट्रल इंडिया रीजनन काउंसिल आफ द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) के अध्यक्ष सीए अंकुर गुप्ता ने बताया कि नए नियम के तहत अब 'काम खत्म, डाटा खत्म' का फार्मूला लागू हो गया है। निर्धारित कार्य पूरा होने के बाद या सेवा समाप्त होते ही संबंधित डाटा को सिस्टम से हटाना अनिवार्य हो गया है। डाटा या सूचना का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य, मार्केटिंग या तीसरे पक्ष के साथ साझा करने के लिए नहीं किया जा सकता।


जागरूक करने के लिए आईसीएआई ने शुरू किया कोर्स

डीपीडीपी अधिनियम 2023 में बना था और इसके नियम 2025 में अधिसूचित हुए। इसे पूरी तरह लागू करने के लिए 13 मई 2027 तक का समय दिया गया है। द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) ने अधिनियम को लेकर सीए और टैक्स सलाहकारों को जागरूक करने के लिए 'डाटा प्रोटेक्शन कम्प्लायंस एंड आडिट सर्टिफिकेशन' कोर्स शुरू किया है। इसके तहत शहर के 26 सीए को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन करने वालों ने बताया कि प्रशिक्षित सीए व टैक्स सलाहकार स्थानीय व्यवसायियों, व्यापारियों और कारपोरेट्स के रिकार्ड का आडिट करेंगे। उनकी निजता पालिसी को अपडेट कराएंगे और डाटा सुरक्षित रखने के लिए नए सिस्टम लागू कराएंगे।