जागरण संवाददाता, कानपुर : 96.62 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलने के खेल में शहर के एक चिट फंड कंपनी संचालक का नाम पुलिस ने जांच के बाद विवेचना में बढ़ा दिया है और कभी भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। उसने मुख्य आरोपित बिल्डर आनंद खत्री को एक हजार और पांच सौ के नोट में कई करोड़ के पुराने नोट कमीशन पर बदलने को दिए थे। साथ ही शहर के एक कांग्रेसी नेता व आरबीआइ के एक अधिकारी के खिलाफ साक्ष्य मिले है। पुलिस विवेचना में इनका नाम कभी भी खोल सकती है।

16 जनवरी को आइजी की क्राइम ब्रांच ने बिल्डर आनंद खत्री के स्वरूपनगर स्थित आवास से एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों में 96.62 करोड़ रुपये बरामद किये थे। इसकी विवेचना में पुलिस ने शहर में चिट फंड कंपनी चलाने वाले मोहनलाल गुप्ता का नाम बढ़ा दिया है। पुलिस ने आनंद खत्री को कई करोड़ रुपये के पुराने नोट देने की बात के साक्ष्य के आधार पर उसे आरोपी बनाया है। इसकी पुष्टि शहर के एक बड़े पुलिस अधिकारी व विवेचना से जुड़ी टीम ने की है। वहीं शहर के एक दिग्गज कांग्रेस नेता व आरबीआई के बड़े अधिकारी के खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं और उनका नाम बढ़ाने की तैयारी है। बताते चलें 16 जनवरी को पुलिस ने आनंद खत्री व संतोष यादव समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें हैदराबाद का कुटेश्वर राव, गुंटूर का अली हुसैन, वाराणसी का संजय सिंह, मिर्जापुर का संजय कुमार, लखनऊ का ओंकार व सहारनपुर का अनिल यादव मुख्य भूमिका वाले शख्स के रूप में सामने आए थे।

By Jagran