बांदा, जेएनएन। Children Physical Abuse Case बाल यौन शोषण के आरोपित ङ्क्षसचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन और उसकी पत्नी के खिलाफ सीबीआइ ने 233 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। साथ ही दो कांपेक्ट डिस्क (सीडी) भी अदालत में दाखिल दी गईं। चार्जशीट की प्रति बचाव पक्ष के वकील को भी दी गई है। सीबीआइ की ओर से बच्चों के कलमबंद बयान की नकल बचाव पक्ष को न देने पर नाराजगी जताकर विशेष अदालत (पाक्सो एक्ट) ने अगली तारीख 17 अगस्त को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैैं। 

चित्रकूट में सिंचाई विभाग में कार्यरत रहे जेई रामभवन को पिछले साल अगस्त में सीबीआइ ने 50 से ज्यादा बच्चों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपित को निलंबित कर दिया गया था। बाद में उसकी पत्नी को गवाहों को धमकाने व संलिप्तता पाए जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपित मंडल कारागार में बंद हैं। इस मामले में दिल्ली से तीसरे आरोपित को गिरफ्तार किया गया था, जो जमानत पर छोड़ा गया है। निलंबित जेई की पत्नी की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। 

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) मो. रिजवान अहमद की अदालत में सुनवाई चल रही है। बचाव पक्ष के वकील ने पीडि़त बच्चों के कोर्ट में दिए गए 164 (कलमबंद) बयानों की नकल मांगी थी। नकल देने के लिए सीबीआइ ने समय मांगा था। मंगलवार को सीबीआइ इंस्पेक्टर मो. मुस्तफा ने नकल नहीं मुहैया कराई और सप्लीमेट्री चार्जशीट व सीडी दाखिल कर कहा कि अगली तारीख पर बयानों की नकल देंगे। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम मौका दिया है। उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए 17 अगस्त तय की है। 

Edited By: Shaswat Gupta