जागरण संवाददाता, कानपुर : अनुसूचित जाति की सर्वाधिक आबादी वाले 46 गांवों में चलाए जा रहे ग्राम स्वराज अभियान की हकीकत परखने भारत सरकार के अफसर दो दिनों से जिले में हैं। इन अफसरों ने गुरुवार को छाजा और धरमंगतपुर गांव में शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास व अन्य योजनाओं की प्रगति देखी। वे ग्रामीणों से मिले और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। बुधवार को भी अफसरों ने कुछ गांवों का निरीक्षण किया था।

जिले में सुजावलपुर, कुरेह, आराजी ईशेपुर, बरौली, मीरनपुर, सतरौली समेत 46 गांवों में अभियान के तहत अनुसूचित जाति के लोगों के यहां शौचालय बनवाए जा रहे हैं। जनधन योजना के तहत बैंकों में खाता खोलने, उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन और सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन देने का कार्य हो रहा है। ग्रामीणों को 16 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। भारत सरकार में शहरी विकास विभाग के अनुसचिव एमके शर्मा, खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक अतुल सक्सेना ने छाजा गांव में डीआरडीए के परियोजना निदेशक केके पांडेय के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से जानना चाहा कि उन्हें आवास आवंटन कराने में किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हुई। शौचालयों का उपयोग हो रहा है या नहीं इसकी जानकारी ली। कई शौचालयों का दरवाजा खोल कर देखा भी। विधवा, वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों से भी वे मिले। धरमंगदपुर गांव में भी ग्रामीणों से योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इन गांवों में उन्होंने तेजी से विकास कार्य कराने का आदेश दिया। अफसरों को योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक मिला।

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