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रक्षा सामग्री खरीद मामले में सामने आया हवाला नेटवर्क, CBI ने कानपुर के छह कारोबारियों से की पूछताछ

Published: Wed, 27 May 2026 05:30 AM (IST)

सीबीआई ने रक्षा सामग्री खरीद में रिश्वतखोरी की जांच के दौरान दिल्ली से राजस्थान, पंजाब और बंगाल तक फैले एक ...और पढ़ें

रक्षा सामग्री खरीद मामले में CBI ने छह कारोबारियों से की 6 घंटे पूछताछ। AI जेनेरेटेड फोटो

रक्षा सामग्री खरीद मामले में CBI ने छह कारोबारियों से की 6 घंटे पूछताछ। AI जेनेरेटेड फोटो

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रितेश द्विवेदी, कानपुर। रक्षा सामग्री खरीद के ठेके देने में रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम को दिल्ली के चांदनी चौक से राजस्थान, पंजाब व बंगाल तक हवाला नेटवर्क के तार जुड़े मिले हैं। अब इसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

रविवार रात से यहां डटी सीबीआई टीम ने मंगलवार को कानपुर के पांच गल्ला व एक गुटखा कारोबारी से छह घंटे तक पूछताछ की। इनसे सौ से अधिक बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की बात पता चली है।

उधर, नोएडा से कारोबारी यश गुप्ता के घर से 50 लाख रुपये बरामद कर टीम ने उन्हें भी गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपित कानपुर के रक्षा उद्यमी अक्षत अग्रवाल व उनके पिता मयंक अग्रवाल, कर्नल हिमांशु बाली व यश गुप्ता को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।

इन सभी को नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में 25 मई को पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिनों की रिमांड पर सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है। कोलकाता से कर्नल हिमांशु बाली को 18 मई को गिरफ्तार करने के बाद बीते बुधवार को सीबीआई टीम ने कानपुर में छापेमारी की थी।

इसके बाद 25 मई को नोएडा से अक्षत व उनके पिता मयंक अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इन दोनों के मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा व कॉल रिकॉर्ड से कई अहम सुराग मिले। जांच में पता चला है कि पूरा मामला सिर्फ रक्षा सौदों में रिश्वतखोरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बड़ा हवाला नेटवर्क भी संचालित है।

इसी कड़ी में सीबीआई की टीमों ने मंगलवार को व्यापारिक केंद्र नयागंज, कलक्टरगंज के साथ नौबस्ता व स्वरूप नगर में छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, हवाला चैनलों के जरिये इकट्ठा की गई रकम से 50 लाख रुपये आशुतोष शुक्ला ने 18 मई को नरेश कुमार पाल को पहुंचाए थे। यही रकम बाद में सीबीआई ने नोएडा स्थित यश के घर से बरामद की।

एजेंसी अब यह पता लगा रही कि यह रकम किन रक्षा सौदों को प्रभावित करने को दी गई थी। शक है कि इस नेटवर्क में कई अन्य कारोबारी, बिचौलिए व कुछ अज्ञात लोक सेवक भी शामिल हो सकते हैं।

रुपये मंगाने को दलहन के नाम पर था कोड वर्ड राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई ने रिमांड पत्र में लिखा है कि पकड़े गए आरोपितों के घरों से मिली नकदी का स्रोत जानना जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार आरोपित राजस्थान से हवाला के जरिये रकम मंगाने के लिए उड़द, मूंग व मूंगफली का कोड स्मार्ट फोन की जगह कीपैड फोन से भेजते थे। 10 से 25 लाख रुपये की रकम के लिए मूंगफली, 50 लाख रुपये या इससे ऊपर के लिए उड़द व एक करोड़ रुपये से ऊपर की रकम के लिए मूंगदाल कोड वर्ड था।

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