जागरण संवाददाता, कानपुर : निजी नेटवर्किंग कंपनी द्वारा बेतरतीब ढंग से डाली गयी केबल के चलते 80 फीट रोड धंस गयी। 15 मीटर तक सड़क धंसने से आसपास के मकानों और दुकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए नगर निगम ने तुरंत काम शुरू करा दिया है। महापौर प्रमिला पांडेय ने गुरुवार को धंसी सड़क का निरीक्षण किया। मौके पर ही मुख्य अभियंता को बेतरतीब ढंग से केबल डालने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए है।

मंगलवार को 80 फीट रोड पर सड़क धंस गयी थी बाद में मूसलधार बारिश होने से और सड़क धंस गई। सड़क पर बना पूजाघर भी बैठ गया। नगर निगम ने जेसीबी लगाकर पूजाघर को बाहर निकालकर दूसरी तरफ सड़क पर रखवाया। महापौर ने मुख्य अभियंता एसके सिंह को मौके पर बुलाकर कहा कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गुरुवार को भी रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कार्य प्रभावित होता रहा। मुख्य अभियंता ने बताया कि कार्रवाई की जाएगी। धंसा डाट नाला ठीक कराया जा रहा है। जल्द सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा।

सोसाइटी क्षेत्रों जल निकासी लापता, जलभराव, घरों में लोग कैद

जासं, कानपुर : सोसाइटी क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था न होने से कई इलाके जलभराव से जूझ रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश है।

यशोदानगर क्षेत्र में दो दिन से एक से दो फीट तक बारिश का पानी भरा है। निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पांच हजार से ज्यादा आबादी परेशान है। यही हाल कुंज बिहार, नौबस्ता, सागरपुरी, बिनगवां, राजेनगर, आशानगर, कर्रही, खाड़ेपुर सहित अन्य इलाकों का है। बिना लेआउट प्लांटिंग की वजह से न तो यहां सीवर लाइन है और न ही जलनिकासी का अन्य कोई विकल्प। यशोदानगर कुंज बिहार नगर के आयुष व रोहित ने बताया कि कोई बीमार हो जाये तो उसे गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है। कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। बिनगवां के हरि, सुमन देवी ने बताया कि क्षेत्र सुविधाओं के नाम पर शून्य है। नौबस्ता हाईवे से कर्रही की ओर जाने वाली सड़क में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं कि दो पहिया वाहन निकलना बहुत मुश्किल है।

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बारिश में कई इलाकों में भरा पानी

गुरुवार को हुई बारिश के चलते साकेत नगर, सर्वोदय नगर, काकादेव, आचार्य नगर, जवाहर नगर, जरीब चौकी, रावतपुर, गीतानगर, शारदानगर, किदवईनगर, शास्त्रीनगर, विजय नगर, इंदिरानगर, दयानंद विहार,पनकी, श्यामनगर, कल्याणपुर, गुवा गार्डेन आदि क्षेत्रों में जलभराव रहा।

Edited By: Jagran