कानपुर, जेएनएन। बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी की जिला और महानगर इकाई को भंग कर दिया है। जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष काम करते रहेंगे जबकि शेष पदाधिकारियों की तैनाती जल्द होगी। इसके साथ ही सेक्टर प्रभारियों की तैनाती कर दी गई है। कानपुर सेक्टर में आगरा, अलीगढ़, झांसी व चित्रकूट मंडल को शामिल किया गया है।

जिले में 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा बुरी तरह हारी। गोविंदनगर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने का आदेश बसपा सुप्रीमो ने दिया है। सेक्टर प्रभारी बनाए गए नौशाद अली, धरमवीर सिंह अशोक, जितेंद्र शंखवार, चिंतामणि, लालाराम अहिरवार और आरएस कुशवाहा अब बूथवार कमेटियों का गठन कराएंगे। उनकी यह जिम्मेदारी होगी कि बूथ, कई बूथों को मिलाकर बनने वाले सेक्टर, विधानसभा क्षेत्र और जिला व महानगर इकाई में जो भी पदाधिकारी तैनात किए जाएं वे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हों। जनता में उनकी मजबूत पकड़ और अच्छी छवि हो।

ऐसे लोगों को पार्टी अब दरकिनार करेगी जो लोग पद पर होते समय काम तो करते हैं लेकिन जैसे ही पद मुक्त होते हैं घर बैठ जाते हैं। बसपा की बात करें तो एक दो पूर्व जिलाध्यक्षों व उपाध्यक्षों को छोड़ दें तो ज्यादातर पदाधिकारियों ने पद से हटाए जाने के बाद बैठकों में जाना भी मुनासिब नहीं समझा। वे चुनावों में भी सक्रिय नहीं रहे। परिणाम स्वरूप पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। चूंकि पार्टी नेतृत्व ने महानगर व जिलाध्यक्ष को छोड़कर अन्य पदाधिकारियों को हटा दिया है। ऐसे में उनकी तैनाती होनी है, इसलिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। जिलाध्यक्ष रामशंकर कुरील ने बताया कि जिला और महानगर इकाई के पदाधिकारियों की तैनाती जल्द की जाएगी। 

Posted By: Abhishek

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