बांदा, जागरण संवाददाता। बड़े भाई को गोली मारकर घायल करने के आरोपित का शव घर से ढाई किलोमीटर दूर जंगल में मिला। शव से दुर्गंध आ रही थी। जांच के दौरान उसके गले में गोली लगी मिली। वहीं पास में एक तमंचा व उसमें फंसा कारतूस का खोखा मिला। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि बड़े भाई को गोली मारने की अत्मग्लानि में खुदकुशी की है। हालांकि फारेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है।

भदेहदू गांव के 50 वर्षीय नत्थूलाल ने शुक्रवार को अपने बड़े भाई किसान रामकृपाल को घर में तमंचे से गोली मारकर घायल कर दिया था। दाहिने हाथ के पंजे में गोली लगने से उनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। भतीजे पंचम ने बताया था कि चाचा नत्थूलाल ने चार वर्ष पहले उसके पिता को साढ़े तीन लाख रुपये में अपनी एक बीघा जमीन व मकान बेचा था। इसके बाद अब चाचा जमीन की कीमत बढ़ने से एक लाख रुपये की मांग और कर रहे हैं। उन्होंने पहले उसके ऊपर तमंचे से फायर किया है। जिसमें वह बाल-बाल बचा है।

भतीजे की तहरीर पर पुलिस ने घटना के दिन आरोपित चाचा के विरुद्ध जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। रविवार दोपहर चारवाहे जब कौहारा गांव के जंगल में बकरी चराने गए तो वहां उन्हें बबूल के जंगल में रामस्वरूप के बंजर खेत से तेज दुर्गंध आई। चरवाहे मौके पर पहुंचे तो वहां नत्थूलाल का शव पड़ा मिला। घटना को लेकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।

जिसमें सीओ सदर सत्यप्रकाश शर्मा, बबेरू कोतवाली निरीक्षक अरूण कुमार पाठक ने घटनास्थल देखा। ग्रामीणों से पुलिस ने घटना के बारे में पूछताछ की। सीओ बबेरू व कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि शव दो दिन पुराना होने से कीड़े पड़ गए हैं। भाई को गोली मारने के बाद वह फरार हो गया था। उसे लगा होगा की भाई की मौत हो गई। उधर पकड़े जाने का भी उसे भय था। इससे आत्मग्लानि व पकड़े जाने के भय से खुदकुशी करना लग रहा है। 

Edited By: Abhishek Verma