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कानपुर के बिठूर उपचुनाव में आखिरी समय आया ट्विस्ट, विधायक के भाई भाजपा के सिंबल पर लड़ेंगे चुनाव

Published: Thu, 24 Sep 2026 12:05 PM (IST)

बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव में भाजपा ने विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई राणा समरेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है।

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HighLights

  1. भाजपा ने विधायक के भाई राणा समरेन्द्र सिंह को उतारा।

  2. कांग्रेस ने भी बिठूर उपचुनाव लड़ने का फैसला किया।

  3. चुनाव राजनीतिक विरासत और प्रभाव की परीक्षा माना जा रहा।

जागरण संवाददाता, कानपुर। बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव में नामांकन के आखिरी दिन भाजपा ने ऐसा दांव चला, जिसने चुनावी तस्वीर को अचानक बदल दिया।

लंबे समय से प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई राणा समरेन्द्र सिंह को पार्टी का सिंबल दे दिया।

हालांकि उन्होंने पहले ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया था। अब मुकाबला सिर्फ नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का नहीं, बल्कि पांच बार से नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं डॉ. निर्मला सिंह की राजनीतिक विरासत और भाजपा के स्थानीय प्रभाव की भी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद 22 जून को डॉ. निर्मला सिंह के निधन के बाद से खाली है। डॉ. निर्मला सिंह लगातार पांच बार अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। वर्ष 2000 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहली जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2006 और 2012 में भी जनता ने उन्हें अध्यक्ष चुना।

वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर और 2023 में भी भाजपा के सिंबल पर उन्होंने जीत हासिल की। उनके निधन के बाद पहली बार नगर पंचायत की राजनीति में उनके परिवार के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती है।

आखिरी वक्त तक सस्पेंस, फिर सामने आया नाम

नामांकन प्रक्रिया 18 सितंबर से शुरू हुई थी, लेकिन भाजपा की ओर से प्रत्याशी के नाम को लेकर आखिरी समय तक तस्वीर साफ नहीं थी। 24 सितंबर को नामांकन की अंतिम तारीख पर पार्टी ने राणा समरेन्द्र सिंह के नाम पर मुहर लगा दी।

इससे चुनाव में राजनीतिक ट्विस्ट आ गया। अब तक चुनाव को निर्मला सिंह के निधन से खाली हुई सीट पर सामान्य उपचुनाव के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन भाजपा के फैसले के बाद विधायक परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर दिखाई देने लगी है।

राणा समरेन्द्र सिंह के मैदान में आने से भाजपा के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर पांच बार अध्यक्ष रहीं निर्मला सिंह की बनाई राजनीतिक जमीन को बनाए रखना है, तो दूसरी ओर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के परिवार की स्थानीय पकड़ को भी चुनावी समर्थन में बदलना है। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा के पत्ते खुलने के बाद अब निगाहें कांग्रेस के चेहरे और नाम वापसी के बाद बनने वाले अंतिम मुकाबले पर टिक गई हैं।

कांग्रेस ने भी आखिरी समय में बढ़ाई हलचल

भाजपा के दांव के बीच कांग्रेस ने भी चुनाव को हल्के में नहीं लेने का संकेत दिया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने नामांकन के एक दिन पहले बिठूर उपचुनाव में कांग्रेस के सिंबल पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया। प्रत्याशी चयन की जिम्मेदारी कानपुर नगर ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष संदीप शुक्ला को सौंपी गई है। इससे भाजपा के सामने कांग्रेस भी सीधे राजनीतिक मुकाबले में आ गई है।

कांग्रेस प्रत्याशी का नाम सामने आने के बाद चुनावी समीकरण और स्पष्ट होंगे। खासकर यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के सामने कांग्रेस किस चेहरे को उतारती है और स्थानीय स्तर पर अन्य दावेदार किस तरह चुनावी मैदान में टिकते हैं।

13 अक्टूबर को मतदान, 15 को खुलेगा फैसला

बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान 13 अक्टूबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा। मतगणना 15 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। 25 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, 28 सितंबर को नाम वापसी और 29 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।

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