लेदर कारोबारियों के लिए खुशखबरी: 2 साल में 7 गुना बढ़ेगा चमड़ा निर्यात, न्यूजीलैंड डील से चमकेगा कानपुर का कारोबार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते से कानपुर के चमड़ा उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे अगले दो ...और पढ़ें

HighLights
न्यूजीलैंड में बढ़ेगा लेदर का 30 प्रतिशत निर्यात, कच्चा माल भी मिलेगा सस्ता
भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते से लेदर इंडस्ट्री को मिलेगी नई उड़ान
अगले दो वर्षों में देश का चमड़ा निर्यात सात गुणा तक बढ़ने की उम्मीद
जागरण संवाददाता, कानपुर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए सोमवार को हो रहे मुक्त व्यापार समझौते से कानपुर के चमड़ा उद्योग के लिए स्वर्णिम संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। अगले दो साल में दोनों देशों के बीच चमड़ा व्यापार सात गुणा तक बढ़ेगा जबकि कानपुर के लेदर निर्यात में 25 से 30 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आएगा।
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के वाणिज्य मंत्री के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने कानपुर के निर्यातकों का उत्साह बढ़ा दिया है। पिछले एक साल से निर्यात संबंधी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे उत्पादक और निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड का मुक्त व्यापार समझौता एक तोहफे की तरह है। बैठक में चर्म निर्यात परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तारुल अमीन और क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान शामिल रहे हैं।
परिषद का मानना है कि समझौते के लागू होने से आगामी दो वर्षों में दोनों देशों के बीच चमड़ा व्यापार में सात गुणा तक बढ़ जाएगा। अभी न्यूजीलैंड का दुनिया भर से कुल चमड़ा आयात लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डालर है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी वर्तमान में मात्र 2.5 प्रतिशत (12-13 मिलियन डालर) के करीब है। बैठक में हुए सकारात्मक विचार-विमर्श और आगामी समझौतों के बाद, अगले दो वर्षों में इस बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
कच्चा माल सस्ता मिलने की उम्मीद
न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल (गाय और सांडों का चमड़ा) प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इससे स्थानीय चर्म उत्पादकों को कच्चा माल सस्ता मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों की कंपनियों के बीच कई ज्वाइंट वेंचर्स बन सकते हैं जिससे तकनीकी साझाकरण और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। कानपुर से विशेष रूप से फुटवियर (जूते) और लेदर एक्सेसरीज (जैसे बैग, बेल्ट आदि) का निर्यात न्यूजीलैंड के बाजार में होगा जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।
उद्यमियों ने किया स्वागत
मुक्त व्यापार समझौते का सर्वाधिक लाभ कानपुर के चमड़ा उद्योग को मिलेगा। निर्यात कर शून्य होने से न्यूजीलैंड में माल बेचना आसान होगा और वहां से कच्चा माल भी सस्ती दर पर मिलेगा।
- यादवेंद्र सचान , क्षेत्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद
उच्च गुणवत्ता वाली होजरी और टेक्सटाइल को निर्यात करने का अच्छा अवसर मिलेगा। न्यूजीलैंड में सर्दी अधिक होती है इसलिए स्थानीय थर्मल इनरवियर उत्पाद का निर्यात बढ़ सकेगा।
- बलराम नरूला, एमडी जेट निटवियर्स
होजरी उत्पाद का निर्यात करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुक्त व्यापार होने से चीन और बांग्लादेश के मुकाबले अपना माल बेचने का मौका मिलेगा।
- प्रमोद सुराणा, महामंत्री नार्दर्न इंडिया होजरी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन
