कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय क्रिकेट में शहर का क्रिकेट योगदान सराहनीय रहा है। देश के प्रमुख टेस्ट सेंटरों में शुमार ग्रीनपार्क स्टेडियम कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का गवाह रहा है। इसके साथ ही शहर में सैकड़ों बीसीसीआइ के टूर्नामेंट आयोजित किए जा चुके हैं। हालांकि कोरोना काल के बाद से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नियमों के मुताबिक एक सेंटर पर तीन मैदान नहीं होने के चलते इस बार शहर घरेलू सीरीज से वंचित रह सकता है।

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के पिच क्यूरेटर शिव कुमार के मुताबिक लंबे समय से शहर में तीसरे मैदान की खोज जारी है। जल्द ही शहर में मानक युक्त तीसरा मैदान यूपीसीए के पास होगा। इसके लिए एचबीटीयू और डीएवी मैदान के साथ कई मैदानों से बात की जा रही है।

शहर में अभी यूपीसीए के पास दो मैदान

कोरोना के आने के बाद से बीसीसीआइ ऐसे शहरों में घरेलू श्रृंखला आयोजित कराने की योजना चुका है। जिसमें तीन मैदान मैचों के आयोजन के लिए हो। जिससे खिलाडिय़ों को बायो-बबल में रखकर ज्यादा संख्या में मैच कराए जा सके। शहर में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम ग्रीनपार्क और कमला क्लब के अलावा अन्य कोई ऐसा मैदान नहीं हैं जहां पर रणजी के मुकाबले करा जा सके। उम्मीद है कि आगामी सत्र में शहर में तीन ऐसे मैदान हो जाएंगे जहां पर घरेलू श्रृंखला के मैच आयोजित कराए जा सके। यूपीसीए की इस पहल पर पूर्व खिलाडिय़ों ने खुशी जाहिर की। इससे शहर के खिलाडिय़ों को मानक के हिसाब का मैदान मिलेगा और खिलाड़ी वहां पर बेहतर प्रदर्शन कर खुद को बड़े मंच की ओर अग्रसर कर रहेंगे। महिला व पुरुष क्रिकेट के लिए यूपीसीए की ओर से यह बेहतर पहल होगी।

Edited By: Abhishek Verma