बांदा, जागरण संवाददाता। Banda Boat Accident त्रासद नाव हादसे के बाद बुधवार दोपहर एक और महिला का शव फतेहपुर जनपद के किशनपुर में मिला। हादसे के दो लापता की तलाश की जा रही थी। यमुना में पिछले गुरुवार को नाव पलटने के बाद सोमवार तक 13 लोगों के शव मिल चुके थे।

हालांकि अब जो नया शव मिला है। उसमें लापता महिला के स्वजन अभी उसकी पहचान नहीं कर रहे हैं। इससे खासी ओहापोह की स्थिति बनी है। जनपद के मरका से फतेहपुर के रामनगर कौहन स्थित कंसापुर घाट की ओर सवारियां लेकर जा रही नाव पतवार टूटने से पिछले गुरुवार को बीच धारा में डूब गई थी।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया था कि नाव पर संभावित 32 लोग सवार थे। घटना वाले दिन 17 लोग सकुशल बाहर आ गए थे, जबकि तीन शव बरामद हुए थे। फतेहपुर में आठ और शनिवार शाम मरका में एक शव मिला था। इसी तरह सोमवार को एक और महिला सीता का शव मुड़वारा गांव में मिला था। अभी तक जहां डूबी नाव बाहर नहीं निकाली जा सकी है।

वहीं मरका के ग्राम गौरी ताला की पानी में डूबी महिला उजरिया पत्नी अनोखेलाल व फतेहपुर के ग्राम लक्ष्मण निवासी मुन्ना के पुत्र राजू अभी नहीं मिले हैं। प्रशासन दोनों की खोजबीन कर रहा है। जिसमें बुधवार दोपहर फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ा में एक महिला का शव ग्रामीणों को यमुना नदी में उतराता मिला है। जिसे शुरू में यह माना गया कि पानी में डूबे दो लोगों में ही यह एक महिला का शव है।

पानी में डूबी उजरिया को थाने बुलाया गया। उन्हें बुधवार को बरामद शव की फोटो दिखाई गई। जिसमें उजरिया के देवर राकेश निषाद व अन्य स्वजन ने फिलहाल मोबाइल में फोटो देखकर उसकी पहचान करने से इन्कार किया है।

राकेश का कहना है कि उनकी भाभी करीब 40 वर्ष के आसपास की हैं। जबकि जो शव महिला का मिला है। उसकी उम्र ज्यादा से ज्यादा 22 से 24 वर्ष के बीच में होना लग रही है। उसके कपड़े आदि भी किसी नई युवती के तरह के हैं। मरका थाना निरीक्षक हेमराज सरोज ने बताया कि जो शव मिला है। अभी उसकी सही पुष्टि नहीं हो पा रही है। स्वजन को किशनपुर फतेहपुर भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।

यमुना में पानी बढ़ने से बहाव है तेज, हो रही परेशानी : तीन दिनों से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे राहत व बचाव कार्य में बाधा आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का बहाव तेज होने से राहत कार्य में दिक्कत हो रही है।

हालांकि एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, एसडीएम बबेरू सुरभि शर्मा, सीओ सत्यप्रकाश के अलावा अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी बराबर राहत कार्य करने में लगे हैं। जिससे शेष दो अन्य शव भी शीघ्र मिल सकें।

एसडीआरएफ व पीएसी चला रही रेस्क्यू आपरेशन : एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) टीम लौटने के बाद सातवें दिन बुधवार को एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) व पीएसी के जवान डूबी नाव व पानी में डूबने वालों में शेष बचे दो लोगों की सुबह से खोज करते रहे। स्थानीय गोताखोर भी पानी के बहाव को देखते हुए राहत कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं।

टकटकी लगाए हैं उजरिया व राजू के स्वजन : हादसे के भले ही सात दिन पूरे हो गए हैं। लेकिन अभी भी उजरिया व राजू के स्वजन उनकी तलाश में रोजाना यमुना किनारे टकटकी लगाए रहते हैं। उनके रिश्तेदार भी खोजबीन में लगे हैं। यमुना के किनारे-किनारे काफी दूर तक पाट में वह रोजाना तलाश करते हैं। 

Edited By: Abhishek Agnihotri