कानपुर, जागरण संवाददाता। रोजगार मेलों में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से शुल्क वसूलना कंपनियों को महंगा पड़ रहा है। सेवायोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार मेले के माध्यम से एक आयुर्वेदिक कंपनी के प्रतिनिधि ने अभ्यर्थियों से पंजीकरण व दस्तावेज सत्यापन के एवज में सात-सात सौ रुपये जमा करा लिए और नौकरी नहीं दी।

अभ्यर्थियों की शिकायत पर अधिकारियों ने जांच कराकर आयुर्वेदिक कंपनी के रोजगार मेले में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले साल 13 कंपनियों को शुल्क लेकर नौकरी न देने के आरोप में प्रतिबंधित किया जा चुका है।

अधिकारी ने बताया कि अगस्त माह में श्याम नगर निवासी अभ्यर्थी मोहित ने शिकायत की थी कि रोजगार मेले में आयुर्वेदिक कंपनी के प्रतिनिधि ने मार्केटिंग की नौकरी के लिए चयनित किया। फिर दस्तावेज सत्यापन के लिए सात सौ रुपये जमा करा लिए, लेकिन नौकरी नहीं मिली।

इस प्रकरण की जांच कराने के बाद कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल अगस्त माह तक निदेशालय स्तर से छह कंपनियों को काली सूची में शामिल किया जा चुका है। इन कंपनियों को अब मेले में शामिल नहीं किया जा रहा है।

रोजगार मेले में आने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को अभ्यर्थियों से शुल्क न लेने की हिदायत पूर्व में दे दी जाती है। हाल ही में एक आयुर्वेदिक कंपनी को प्रतिबंधित किया गया है। पिछले साल 13 कंपनियों को प्रतिबंधित किया गया था। पारदर्शिता लाने के लिए और ठोस उपाय किए जा रहे हैं।- एसपी द्विवेदी, सहायक निदेशक, सेवायोजन कानपुर मंडल 

Edited By: Nitesh Mishra