चित्रकूट, [शिवा अवस्थी]। मध्य प्रदेश पुलिस भले ही साढ़े छह लाख रुपये के इनामी डकैत बबुली कोल को ढेर कर चुकी है लेकिन निर्वाचन आयोग के दस्तावेज में वह अभी जिंदा है। सोमवार यानी आज मानिकपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की मतदाता सूची में उसका नाम दर्ज है। बीएलओ की निगाह में लोकसभा चुनाव के दौरान यह शातिर डकैत बतौर महिला दर्ज था और अब भी वही स्थिति बरकरार है। इस लापरवाही से सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मारा जा चुका डकैत वोट डालने भी आएगा।

यूपी-एमपी के पाठा में वर्ष 2004 से सक्रिय रहे बबुली कोल और उसके साले लवलेश कोल को एमपी पुलिस बीते 16 सितंबर को मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है। उसके गैंग के सदस्यों को भी चित्रकूट पुलिस जेल भेज चुकी है। दस्यु अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया के मारे जाने के बाद चर्चा में आया बबुली रागिया व बलखडिय़ा के साथ रहकर वारदातों को अंजाम देता रहा। 2015 में बलखडिय़ा के मारे जाने के बाद वह गैंग का सरगना बन गया। दोनों प्रांतों में 180 से अधिक मुकदमों की लंबी फेहरिस्त वाला डकैत मरने के बाद भी मतदाता सूची में जिंदा है।

बूथ नंबर 351 में दर्ज है नाम

मतदाता सूची में बबुली कोल का नाम डोडामाफी के मजरा सोसाइटी कोलान में पोलिंग बूथ नंबर 351 में दर्ज है। उसमें पिता का नाम राम चरण, मकान नंबर 55 और उम्र 35 वर्ष दिखाई गई है। लिंग वाले खाने पर अभी तक महिला लिखा है। यह बड़ी चूक किसी को नजर नहीं आई जबकि इसी बूथ पर क्रम संख्या 518 के मतदाता के नाम पर डिलीटेड लिखा गया है।

-मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर किस स्तर पर चूक हुई इसका पता लगाएंगे। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -शेषमणि पांडेय, डीएम चित्रकूट

Posted By: Abhishek

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