कानपुर, जागरण संवाददाता। नई सड़क में हुए बवाल मामले में फंडिंग के आरोपित मुख्तार बाबा के बाबा बिरयानी का एक और रेस्टोरेंट रविवार को जिला प्रशासन ने सील कर दिया। वहीं दूसरा आउटलेट तीन दिन पहले बंद होने से सील की कार्रवाई नहीं हो सकी। नोटिस देने के बाद मुकदमा चलाने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने इससे पहले बाबा बिरयानी के तीन आउटलेट को सील किया था।

शहर में बाबा बिरयानी के नाम से मुख्तार बाबा आठ नानवेज रेस्टोरेंट (आउटलेट) चलाता है। 27 जून 2022 को खाद्य विभाग की टीम ने बाबा बिरयानी के बेकनगंज, जाजमऊ स्थित दो, यशोदा नगर और साउथ एक्स माल किदवई नगर स्थित आउटलेट से मटन बिरयानी, दही, बर्फी, खोया और खाद्य मसालों के 18 नमूने लिए थे। इसमें शनिवार रात 12 नमूनों की रिपोर्ट आ गई जिसमें बिरयानी के चार नमूने अनसेफ (मानव स्वास्थ्य के लिए घातक) पाए गए। इसमें तीन नमूने जाजमऊ डिफेंस कालोनी स्थित आउटलेट के है जबकि एक नमूना साउथ एक्स माल किदवई नगर स्थित आउटलेट से लिया गया था। नमूने अनसेफ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने दो टीमें बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए।

एसीएम रामानुज और मुख्य खाद्य अधिकारी एसके सिंह की टीम जाजमऊ डिफेंस कालोनी पहुंची और आउटलेट को सील कर दिया। यह आउटलेट मुख्तार का बेटा महमूद चला रहा था। लाइसेंस भी उसी के नाम पर था। वहीं एसीएम गुलाब चंद्र अग्रहरि, सहायक आयुक्त खाद्य विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में दूसरी टीम किदवई नगर साउथ एक्स माल पहुंची जहां जानकारी हुई कि तीन दिन पहले ही यहां बाबा बिरयानी का आउटलेट बंद हो चुका है। टीम को यह परिसर खाली मिला। यह आउटलेट मुख्तार का बेटा महफूज चला रहा था। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि दोनों आउटलेट का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।

तीन आउटलेट पहले हो चुके हैं सील : रावतपुर माल स्थित बाबा बिरयानी, स्वरूप नगर स्थित बाबा फूड्स और नवीन मार्केट स्थित जेजे फूड्स से लिए गए मटन और बिरयानी के नमूने अनसेफ पाए जाने के चलते 27 जून को इन तीनों को सील कर दिया गया था। इसके साथ परेड स्थित जायका, अलहूदा और काकादेव में अलीबाबा रेस्टोरेंट को भी सील किया जा चुका है। इन सभी रेस्टोरेंट से लिए गए नमूनों में नान परमिटेड सिंथेटिक मटैनिल यलो कलर पाया गया था जो मानव उपयोग के लिए प्रतिबंधित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी घातक होता है।

शत्रु संपत्तियो पर कब्जे से आया चर्चा में, अभी है जेल में : मुख्तार बाबा ने रामजानकी मंदिर ट्रस्ट का वजूद मिटाकर यहां से बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट खोला था। यहां से ही उसने एक के बाद एक शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल आठ आउटलेट खोल दिए। हाल फिलहाल बाबा शत्रु संपत्ति पर कब्जे के बाद से चर्चा में आया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसने शत्रु संपत्ति से ध्यान भटकाने के लिए हयाज जफर हाशमी के साथ मिलकर नई सड़क बवाल की साजिश रची थी हालांकि इस पर अभी जांच चल रही है। इस मामले में मुख्तार जेल में है और उसके साथियों की धरपकड़ में पुलिस जुटी है। मुख्तार ने बेकनगंज के डा. बेरी चौराहा स्थित रामजानकी मंदिर ट्रस्ट पर धोखाधड़ी कर कब्जा किया। इसके साथ ही तीन अन्य शत्रु संपत्तियों के मामले में भी बाबा पर कब्जे का आरोप है जिसकी सुनवाई चल रही है।

Edited By: Abhishek Agnihotri