संवाद सहयोगी, महाराजपुर : सरसौल रेलवे स्टेशन के पास रविवार रात पकड़े गए एटीएम हैकर गोल्डन वर्मा उर्फ सीतेश और आशुतोष सिंह उर्फ आशू को सोमवार को कोर्ट में पेश करके महाराष्ट्र पुलिस नागपुर ले गई। दोनों शातिरों ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर छह राज्यों बिहार, यूपी, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात व राजस्थान में अब तक तीन दर्जन से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया था।

नागपुर पुलिस ने रविवार रात क्राइम ब्रांच व महाराजपुर पुलिस के साथ छापेमारी कर सरसौल निवासी गोल्डन वर्मा और चकेरी मवइया निवासी आशुतोष को गिरफ्तार किया था। नागपुर के नंदन वन थाने से आए असिस्टेंट इंस्पेक्टर पंकज धाड़गे ने बताया कि बीते साल जुलाई में दोनों ने नंदनवन स्थित इक्वीटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का एटीएम हैक कर 15 दिन के अंदर 3.71 लाख रुपये पार कर दिए थे। दोनों के चेहरे एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे। सर्विलांस की मदद से पुलिस उन तक पहुंची। एसओ महाराजपुर उमेश ¨सह ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। जल्द उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

मास्टर चाबी से खोलते थे पैनल

शातिरों ने बताया कि वे एटीएम कार्ड स्वाइप कर रकम फीड करने के बाद मास्टर चाबी से पैनल खोलकर एटीएम की पावर सप्लाई ऑफ कर देते थे। इससे रकम का ट्रांजेक्शन हो जाता था लेकिन खाते में इंट्री नहीं होती थी।

चार साथियों की तलाश

गोल्डन व आशु के गिरोह में चकेरी निवासी अर्जुन ¨सह, जालौन निवासी उसके जीजा अमित सेंगर और चकेरी निवासी टोनी शर्मा व तितुर भी शामिल हैं। चारों की तलाश की जा रही है।

किराए पर लेते थे एटीएम कार्ड

वारदातों में इस्तेमाल होने वाले एटीएम कार्ड, हैकर छात्रों या अपने परिचितों को रकम का लालच देकर किराये पर लेते थे। उनके खाते से रुपये भी नहीं कटते और हर महीने हैकर अलग से पैसे देते थे।

Posted By: Jagran

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