बांदा, जागरण संवाददाता। यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। खाद की किल्लत से किसानों में हाहाकार मचा है। अतर्रा समिति में खाद होने के बावजूद वितरण न होने से किसान आक्रोशित हो गए थे तो दूसरे दिन रविवार को भी राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मीरजापुर जाम कर दिया। पुलिस ने समिति कर्मचारियों से बात करके खाद वितरण शुरू कराया तब किसानों का आक्रोश शांत हुआ। हाईवे पर कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों का आवागमन बहाल हो सका है।

बुंदेलखंड में बारिश से आहत किसान उर्वरक के लिए जद्दोजहद कर रहा है। बर्बाद होती फसल को बचाने के लिए खाद की महती आवश्यकता है। कड़ाके की सर्दी में भोर पहर से ही केंद्रों के बाहर किसान खाद लेने के लिए लाइन में खड़े हो जाते हैं लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। शनिवार को अक्रोशित किसानों ने झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में आधे-आधे घंटे में दो बार जाम लगाया। देर रात एक ट्रक यूरिया (540 बोरी) क्षेत्रीय सहकारी समिति भेजी गई। रविवार की सुबह भी वितरण न होते देख किसान भड़क गए और नेशनल हाईवे जाम करके नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क पर बैठकर जाम लगाने वालों में महिला किसान भी शामिल रहीं। सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी तो नहीं पहुंचे लेकिन थानाध्यक्ष अतर्रा हरीशरण सिंह ने समिति के कर्मचारियों को बुलाकर वार्ता कराई। पुलिस ने अपनी देखरेख में खाद वितरण शुरू कराया। इसके बाद किसान शांत हुए और हाईवे से जाम हटाया।

किसानों की जुबानी उनकी परेशानी

-रात में खाद आने की सूचना पर सुबह चार बजे से समिति पहुंच किसानों के साथ लाइन में खड़ा हो गया था। दोपहर 12 बजे तक वितरण नहीं शुरू हुआ। इतनी कम मात्रा में आई खाद शाम तक मिल पाती है कि नही कुछ पता नहीं है। -भरोसा, ग्राम सेमरिया

-अभी तक उपज बेचने के लिए खरीद केंद्रों के बाहर सर्दी में रात गुजारने को मजबूर थे। अब खाद के लिए सुबह से लाइन में खड़े होने को विवश हैं। कोई अधिकारी किसानों की समस्या सुनने को तैयार नहीं हैं। -प्रमोद कुमार,ग्राम महुटा

क्या बोले जिम्मेदार

जिले में यूरिया की कमी नहीं है। परिवहन ठेकेदारों का पीसीएफ से भुगतान नहीं किया गया। इसी वजह से वाहनों की दिक्कत हो रही। लेकिन समस्या के बावजूद सभी केंद्रों में उर्वरक भेजी जाएगी। -राजेश कुमार, एआर कोआपरेटिव, बांदा

Edited By: Abhishek Agnihotri