यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CSA Ragging Case: रैगिंग का आरोप लगाने वाले छात्र के ही खून में मिला अल्कोहल; चाकू से हमले की नहीं हुई पुष्टि
CSA Ragging Case विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्रों पर मारपीट और चाकूबाजी का आरोप लगाने वाला विश्वविद्यालय का छात्र झगड़े के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। CSA Ragging Case: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तिलक छात्रावास में रैगिंग का आरोप लगाने वाले शिकायतकर्ता का दांव उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। चाकू से हमले के आरोप की मेडिकल जांच में पुष्टि नहीं हुई है उल्टे मेडिकल करने वाले चिकित्सक ने शिकायतकर्ता छात्र को ही शराब के नशे में बताया है। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कोई भी छात्र विश्वविद्यालय छात्रावास में रहने के दौरान मांसाहार व शराब का प्रयोग नहीं कर सकता है।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्रों पर मारपीट और चाकूबाजी का आरोप लगाने वाला विश्वविद्यालय का छात्र झगड़े के दौरान खुद शराब के नशे में था। नवाबगंज थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्र ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में चिकित्सक ने शिकायतकर्ता के शरीर में अल्कोहल की मौजूदगी बताई है। छात्र ने चाकू से हमले की तहरीर दी है जिसमें नाक पर चोट बताई है लेकिन उसकी नाक या चेहरे पर कहीं खरोंच का निशान भी नहीं मिला है।
विश्वविद्यालय जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार
विश्वविद्यालय की जांच समिति को अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपनी बाकी है। पुलिस की रिपोर्ट उजागर होने के बाद अब विश्वविद्यालय की जांच समिति के निष्कर्षों पर बहुत कुछ दारोमदार है। बताया यह भी जाता है कि शिकायत करने वाले छात्र के बड़े भाई को भी छात्रावास में रहने के दौरान मांसाहार के आरोप में निष्कासित किया जा चुका है।
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शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने अपने बड़े भाई के दबाव में तहरीर दी है। विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डा. पीके उपाध्याय का कहना है कि जांच समिति की पहली बैठक हुई है। दूसरी बैठक के बाद ही कुलपति को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
